Anti Paper Leak Bill : 10 साल जेल और एक करोड़ का जुर्माना; लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पेश

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Anti Paper Leak Bill :  देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं ज्यादा सख्त सजा का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया। इस दौरान विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी कर रहा था।

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10 साल तक जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक या सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। अगर मामला संगठित अपराध से जुड़ा हुआ पाया जाता है तो दोषियों को कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भरना होगा।

मौजूदा कानून से कैसे अलग है नया प्रस्ताव?

वर्तमान कानून के तहत पेपर लीक और नकल जैसे मामलों में 3 से 5 साल तक की जेल का प्रावधान है। वहीं संगठित तरीके से परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए 5 से 10 साल की सजा और कम से कम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अब सरकार ने सामान्य पेपर लीक के मामलों में भी सजा और जुर्माने को और अधिक कड़ा करने का प्रस्ताव रखा है।

दो महीने में जांच, तीन महीने में मुकदमे का फैसला

विधेयक में कहा गया है कि-
पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार होगा।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।

केंद्र बनाएगा स्पेशल टास्क फोर्स

विधेयक में केंद्र सरकार को जरूरत पड़ने पर विशेष जांच दल गठित करने का अधिकार भी दिया गया है। यह टीम बड़े या संवेदनशील पेपर लीक मामलों की जांच करेगी।

परीक्षा प्रक्रिया के लिए नए मानक

विधेयक में परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए कई नए प्रावधान भी जोड़े गए हैं। इनमें शामिल हैं-
परीक्षा केंद्रों का प्री-ऑडिट
उम्मीदवारों की बायोमेट्रिक जांच
सुरक्षा और स्क्रीनिंग
सीट आवंटन की व्यवस्था
प्रश्नपत्र तैयार करने और सुरक्षित अपलोड करने की प्रक्रिया
परीक्षा के दौरान निगरानी
परीक्षा के बाद की प्रक्रिया
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए स्क्राइब संबंधी दिशा-निर्देश

15 तरह की गतिविधियों को बनाया जाएगा अपराध

विधेयक में 15 प्रकार के अपराधों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख हैं-
प्रश्नपत्र लीक करना
OMR शीट से छेड़छाड़
फर्जी वेबसाइट बनाना
नकली एडमिट कार्ड जारी करना
परीक्षा से जुड़ी अन्य धोखाधड़ी

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