Middle East Conflict : वैश्विक व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक और बड़ा सैन्य एक्शन लिया है। अमेरिकी सेना ने आज दोपहर ठीक 3 बजे (अमेरिकी पूर्वी समयानुसार – ईटी) ईरान के खिलाफ हवाई हमलों के दूसरे दौर (सेकंड वेव) की शुरुआत कर दी। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति और सेना के कमांडर-इन-चीफ के सीधे निर्देश पर की गई है। इस बीच ईरान के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी है।
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि अमेरिकी सेना ने एक खाली तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया। यह जहाज ईरान के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था। आरोप है कि टैंकर ने इस्लामिक गणराज्य पर लगाए गए नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश करते हुए कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
इस बीच जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुलों पर बमबारी करने से पहले उन्होंने ईरान को कोई डेडलाइन दी है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मुझे डेडलाइन देना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें काफी हद तक पता है, वे पूरी बात जानते हैं। उन्हें बेहतर ढंग से पेश आना चाहिए।’
ईरान के अहवाज में सुनी गई धमाकों की आवाज
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने इराक की सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में धमाकों की आवाज़ सुनाई देने की खबर दी है। इस महीने तनाव फिर से शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने कई बार अहवाज को निशाना बनाया है।
क्या ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह कर रहा है अमेरिका?
अमेरिकी रक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, इन ताजा हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नेस्तनाबूद करना है, जिनका इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों को डराने और धमकाने के लिए करता रहा है। विशेष रूप से होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बाधित करने के ईरानी प्रयासों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाली किसी भी हिमाकत के लिए सीधे ईरान को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है।
क्या वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा इसका सीधा असर?
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया भर का करीब एक-तिहाई कच्चे तेल का व्यापार होता है। ऐसे में अमेरिका के इस दूसरे दौर के हमलों के बाद इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। अगर ईरान इस हमले का जवाबी पलटवार करता है, तो खाड़ी देशों में एक नया युद्ध छिड़ सकता है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। अमेरिकी सेना फिलहाल ईरान की हरकतों पर पैनी नजर रखे हुए है और जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।



















