KISAN MAHAKUMBH : उत्तराखंड में शुरू हुआ किसान महाकुंभ, जमकर गरजे राकेश टिकैत

0
12

हरिद्वार: KISAN MAHAKUMBH   वीआईपी घाट पर मंगलवार से भारतीय किसान यूनियन टिकैत के चार दिवसीय किसान महाकुंभ की शुरुआत हो गई है. किसान महाकुंभ में किसानों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की जाएगी. उन मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा. किसान महाकुंभ के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित हुए. इस दौरान राकेश टिकैत ने भूमि अधिग्रहण पर सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि कम दामों पर किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है.

Crude oil prices : ट्रंप की घोषणा के बाद तेल बाजार में नरमी, पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम घटने की उम्मीद

राकेश टिकैत ने कहा किसान महाकुंभ में देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों किसान पहुंचे हैं. सभी किसान यहां अपनी बात रखेंगे. उन्होंने बताया छत्तीसगढ़ में किसानों के जंगल काटे जा रहे हैं. उन्हें उजड़ा जा रहा है. जिस तरह से एनपीए होगा वह अमेरिका के साथ समझौते के जरिए होगा. इससे उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और हिमाचल में सेब की खेती करने वाले किसान बर्बाद हो जाएंगे. राकेश टिकैत ने कहा भूमि अधिग्रहण का मुद्दा देश का सबसे बड़ा मुद्दा है. सस्ते दामों पर भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है. जबरदस्ती किसने की जमीन खरीदी जा रही है. स्मार्ट मीटर से देश का आम आदमी तंग है. किसान उनकी आवाज को उठा रहा है. किसानों को आज भी फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है. एमएसपी, किसान ऋण, भूमि अधिग्रहण और एमएसपी जैसे मुद्दों पर देशभर में मीटिंग हो रही है. अबकी बार आरपार की लड़ाई होगी.

वीआईपी घाट पर किसानों का कब्जा: वैसे तो जून के महीने में हरिद्वार में अलग अलग जगहों पर देशभर की तमाम किसान यूनियनों के शिविर लगते हैं, लेकिन भाकियू टिकैत को सबसे बड़ी यूनियन माना जाता है. यही कारण है कि वीआईपी घाट पर हर तरफ किसान ही किसान नजर आ रहे हैं. वीआईपी घाट पर मुख्य पंडाल बनाया गया है. इसके अलावा एक्जिट गेट पर भी कई छोटे बड़े पंडाल बने हैं. जिनमें देशभर से आए किसान ठहरेंगे. कई जगहों पर ट्रैक्टर ट्रॉली और कारें खड़ी हैं. दीवारों पर पोस्टर बैनर लगाए गए हैं. जगह जगह किसानों के द्वारा लंगर की व्यवस्था की गई है. यहां आमतौर पर जो गेट बंद रहता था, वो खोल दिया गया है.

एक जमाना था जब हरिद्वार में भाकियू के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत भी हरिद्वार में किसान महाकुंभ का आयोजन करते थे. उस समय हरिद्वार में लाखों की संख्या में किसान आते थे. बस और ट्रेनों में किसानों के सिवा कोई और दिखाई नहीं देता था, लेकिन धीरे धीरे किसान संगठनों में विभाजन होता रहा. दिल्ली किसान आंदोलन के बाद तो किसान सैकड़ों यूनियनों में बंट गए.

Noida International Airport : नोएडा एयरपोर्ट पर आज से शुरू होगी पहली कमर्शियल उड़ान, लखनऊ से आई IndiGo की फ्लाइट

LEAVE A REPLY