NAMAZ BAN ON ROAD : सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद अब सीएम धामी का भी बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सड़कों पर नमाज़ पढ़ने की इजाज़त होनी चाहिए। हमने कहा कि नमाज तय जगह पर ही पढ़ी जानी चाहिए। किसी को भी इस व्यवस्था में बाधा डालने का अधिकार नहीं है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है। इसलिए इस समय सड़कों को धार्मिक प्रदर्शनों का जरिया बिल्कुल भी नहीं बनने दिया जाएगा। हमने तय किया है कि किसी भी कीमत पर हमारे राज्य में आने वाले सनातनी और चारधाम तीर्थयात्रियों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए।
कुछ लोग हर चीज़ को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखते हैं, और यह सही नहीं है। इन सभी व्यवस्थाओं में हमें वोट बैंक से ऊपर उठना चाहिए। हम किसी को भी देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से छेड़छाड़ नहीं करने देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और सड़कों को बाधित करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि ‘उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.’ गौर हो कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अक्सर सड़क पर नमाज को लेकर तल्ख बयान देते आए हैं. वे कह चुके हैं कि ‘सड़कें चलने के लिए होती है, तमाशे के लिए नहीं’. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी इसी तरह के बयान दे चुके हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी थी. जिसमें उन्होंने साफतौर पर कहा था सड़कें चलने के लिए होती है, नमाज के लिए नहीं. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा था कि ‘जुम्मे (शुक्रवार) के दिन कभी-कभी कतार सड़क तक पहुंच जाती है. यह कोई आम चलन नहीं होना चाहिए, लेकिन विशेष परिस्थितियों में नमाज पढ़ना लोगों का अधिकार है, हम उनका यह अधिकार छीन नहीं सकते.’




















