President Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कुछ ऐसा कर दिया है, जिस पर विवाद हो सकता है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ट्रंप जलडमरूमध्य कर दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट को री-पोस्ट किया, जिसमें होर्मुज की तस्वीर को ट्रंप जलडमरूमध्य दिखाया गया है। हालांकि जिस यूजर की पोस्ट को ट्रंप ने री-पोस्ट किया है, वह पोस्ट नहीं दिख रही है। पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवन रेखा है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान की खाड़ी के बीच में स्थित दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन समुद्री मार्गों में से एक है। इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवन रेखा माना जाता है। दुनिया का करीब 20-30 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। ईरान अमेरिका और इस्राइल युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई और दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आया। अब अमेरिका ने भी होर्मुज की नाकाबंदी कर दी है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
अमेरिका ने होर्मुज की नाकाबंदी की हुई है
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम चल रहा है, लेकिन अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की हुई है। ईरान ने समझौते के लिए होर्मुज को खोलने का प्रस्ताव दिया है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खारिज कर दिया है। ट्रंप ने होर्मुज की नाकाबंदी को सही बताते हुए कहा कि ‘नाकाबंदी, बमबारी से ज्यादा प्रभावी है। ईरान बुरी तरह फंसा हुआ है और उनका दम घुट रहा है। अभी उनकी स्थिति और खराब होगी।’
ट्रंप का दावा- भारी दबाव में है ईरान की सरकार
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज नाकाबंदी से ईरान पर भारी दबाव पड़ रहा है और वे जल्द से जल्द समझौता करना चाहते हैं। हालांकि ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद कराने की मांग पर अड़े हैं। इससे गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई है। ट्रंप सरकार का मानना है कि होर्मुज की नाकाबंदी से ईरान तेल की आपूर्ति नहीं कर पाएगा और इससे ईरान अंदरूनी तौर पर कमजोर होगा। ट्रंप का दावा है कि ईरान के ऊर्जा केंद्र बंद होने के कगार पर हैं और तेल निर्यात न कर पाने के कारण ईरान की सरकार भारी दबाव में है।




















