नई दिल्ली। US KC-135 crash : ईरान के खिलाफ जंग का आज यानी शुक्रवार को 14वां दिन है। इस बीच गुरुवार को अमेरिकी सेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर रिफ्यूलिंग विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना ईरान के खिलाफ चल रहे संयुक्त अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुई।
Gyanesh Kumar : CEC के पद से हटाए जा सकेंगे ज्ञानेश कुमार? क्या है नियम
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा, यह घटना ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान फ्रेंडली एयरस्पेस में हुई, जिसमें दो विमान शामिल थे। एक विमान सुरक्षित उतर गया, जबकि दूसरा दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
यूएस आर्मी का बयान
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह दुर्घटना दुश्मन या फ्रेंडली फायर की वजह से नहीं हुई। यूएस आर्मी ने बताया बचाव अभियान जारी है और अभी तक किसी की भी मौत की खबर नहीं है।
बयान से लगता है कि दुर्घटना में दो विमान शामिल थे, जो शायद आपस में टकरा गए या एक-दूसरे के करीब आ गए। बयान में कहा गया है कि दूसरा विमान सुरक्षित रूप से उतर गया।
ईरान ने ली हमले की जिम्मेदारी
उधर ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों के एक समूह इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने पश्चिमी इराक में अमेरिकी सैन्य ईंधन भरने वाले विमान को गिराने की जिम्मेदारी ली है। समूह ने एक बयान में कहा कि उसने ‘अपने देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा में केसी-135 विमान को मार गिराया है।’
अमेरिका को कितना नुकसान
यह अमेरिकी सेना के लिए हाल के दिनों की एक और चुनौती है। ऑपरेशन की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जिसमें अब तक कई हादसे हो चुके हैं। 1 मार्च को तीन F-15E फाइटर जेट्स को फ्रेंडली फायर से नुकसान हुआ था, लेकिन सभी पायलट सुरक्षित बच गए थे। पूरे अभियान में सात अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 140 घायल हुए हैं।
West Asia Crisis : भारत में एलपीजी, तेल, पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं; संसद में बोली सरकार




















