Nepal Crisis : नेपाल में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, कई मंत्रियों व शीर्ष नेताओं के सरकारी व निजी आवासों पर हमला कर तोड़फोड़ और आगजनी की। संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट को भी आग के हवाले कर दिया। कई बैंकों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर गोली चलाने का आदेश देने वाले डीएसपी की भी पीट-पीट कर हत्या कर दी। पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउबा, उनकी पत्नी व विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा को घर में घुसकर पीटा।
Nepal Violence : उत्तराखंड में नेपाल से सटे तीनों जिलों में अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई
पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार को घर के अंदर बंदकर जिंदा जला दिया गया। वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को भी घर के सामने सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी पौडेल को लातें मारते नजर आ रहे हैं। तनावपूर्ण स्थिति में त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया है। सेना ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिगदेल ने आंदोलनकारियों से संयम बरतने और वार्ता के लिए आगे आने की अपील की है।
पार्टियों के दफ्तर-जेल पर हमला, कैदी भागे
आंदोलनकारियों ने नेताओं के घरों के साथ ही नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल समेत कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में भी आग लगा दी। सुरक्षाकर्मियों ने नेताओं व उनके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की। धनगढ़ी में प्रदर्शनकारियों ने जेल का फाटक तोड़ दिया, जिसके बाद सैकड़ों कैदी जेल से फरार हो गए। काठमांडो में जगह-जगह सड़कों पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया।
हिंसा तेज होने की आशंका
पूर्व पीएम झालानाथ की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार की कीर्तिपुर बर्न अस्पताल में मौत होने के बाद देशव्यापी प्रदर्शनों के हिंसक होने की चिंताएं बढ़ गई हैं।
संसद भंग होने पर ही नेतृत्व पर चर्चा
बालेन ने कहा कि नई सरकार के लिए सेना प्रमुख के साथ कोई भी बातचीत संसद भंग होने के बाद ही होनी चाहिए। बालेन ने युवाओं से संयम बरतने की अपील की। बालेन ने कहा, देश की संपत्ति का नुकसान, वास्तव में हमारी अपनी संपत्ति का नुकसान है।
अब तक 25 लोगों की मौत; कांतिपुर टीवी की इमारत भी आग के हवाले
काठमांडो। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें हुई, लेकिन सोमवार की तुलना में पुलिस ने कार्रवाई में काफी संयम बरता। मंगलवार को विभिन्न झड़पों में पांच लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कांतिपुर टीवी चैनल की इमारत को भी आग के हवाले कर दिया। इससे पहले सोमवार को 20 प्रदर्शनकारी मारे गए थे। दो दिन से जारी हिंसा में 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ललितपुर में भी कई जगह प्रदर्शन हुए।
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