Kerala Wayanad Landslide : भूस्खलन की घटनाएं मंगलवार को तड़के दो बजे से चार बजे के बीच हुईं, जिससे अपने घरों में सो रहे लोगों को बचने का मौका नहीं मिल पाया। भूस्खलन के बाद मुंडक्कई और चूरलमाला इलाकों में 180 से अधिक लोग लापता हैं और 300 से ज्यादा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
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केरल सरकार ने समय पर लोगों को नहीं निकाला: अमित शाह
वायनाड लैंडस्लाइड को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की नौ टीमें पहले ही केरल भेजी जा चुकी है। केरल सरकार ने समय पर लोगों को नहीं निकाला।
प्रभावित इलाकों में सेना के 1200 कर्मी तैनात
वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित चूरलमाला में खोज और बचाव अभियान जारी है। फिलहाल भारतीय सेना, डीएससी केंद्र, प्रादेशिक सेना, एनडीआरएफ, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के 1200 बचावकर्मी यहां तैनात हैं। मरने वालों की संख्या 158 हो चुकी है।
आर्मी के 600 कर्मी प्रभावित इलाकों में मौजूद
वायनाड भूस्खलन त्रासदी में मरने वालों की संख्या 153 हो चुकी है। पैरा रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर अर्जुन सीगन ने कहा कि एनडीआरएफ , सेना, राज्य पुलिस, वन अधिकारियों और स्वयंसेवकों के 500 से 600 कर्मी बुधवार को बचाव अभियान चला रहे हैं ।
हजारों लोगों को किया गया शुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
भारतीय सेना ने केरल के वायनाड में विनाशकारी भूस्खलन के बाद अपने बचाव अभियान को तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों से 1,000 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया है। बुधवार सुबह तक, लगभग 70 पीड़ितों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
घायलों का इलाज कर रही डॉक्टर
भूस्खलन प्रभावित इलाकों में घायल लोगों के इलाज के लिए लगातार डॉक्टर्स की टीम पहुंच रही है। लोगों का इलाज कर रहे डॉक्टरों में से एक हस्ना ने कहा, “मैं इस राहत शिविर में इसलिए आई हूं क्योंकि सुबह शिविर में बहुत से लोगों को थोड़ी दिक्कत महसूस हुई। ज्यादातर लोगों को सिरदर्द, हाई बीपी जैसी समस्याएं हैं, जो मुख्य रूप से तनाव की वजह से हैं। हम उन्हें दवाइयां दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा,” लोग सदमे में हैं इसलिए पहले 3 दिनों तक हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, जब वे सामान्य हो जाएंगे तो हम आगे का इलाज करेंगे”
ये इलाके सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं:
चुरालपारा
वेलारीमाला
मुंडकायिल
पोथुकलु
भूस्खलन प्रभावित इलाकों में सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सेना की 122वीं इन्फैंट्री बटालियन राहत-बचाव कार्य में जुट चुकी है। सेना के जवान प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की मदद कर रहे हैं। वहीं, मलबे में फंसे हुए लोगों को बचाना सेना की पहली प्राथमिकता बन चुकी है।
राहत बचाव कार्य दूसरे दिन भी जारी
वायनाड के चूरलमाला में कल सुबह हुए (30 जुलाई) भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है, जिसमें 143 लोगों की मौत हो गई है।
वायनाड लैंडस्लाइड में अब तक 143 लोगों की मौत
वायनाड लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक 143 लोगों की मौत हो गई है। सेना जान पर खेलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
वायनाड दौरे पर नहीं जाएंगे राहुल और प्रियंका गांधी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि वे खराब मौसम की स्थिति और लगातार बारिश के कारण वायनाड का दौरा नहीं कर पाएंगे। केरल के वायनाड जिले में हुए विनाशकारी भूस्खलन के बाद कई लोगों की जान चली गई।
पीएम ने की केरल के सीएम से बात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के सीएम पी. विजयन से बात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। भूस्खलन प्रभावित इलाकों में वायनाड के मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टमाला और नूलपुझा गांव शामिल हैं।
युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य
सेना व बचाव दल युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। आपदा की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बचावकर्मियों को नदियों और कीचड़ से लोगों के क्षत-विक्षत अंग मिल रहे हैं।
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