Cabinet : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने उद्योग, कृषि, सड़क निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को लक्षित करते हुए कुल 54,926 करोड़ रुपये के भारी-भरकम वित्तीय परिव्यय वाली चार प्रमुख योजनाओं पर मुहर लगाई है।
Iran War : अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, होर्मुज के पास गिराया 5000 पाउंड वजनी बम
यह कदम भारत के समग्र आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बैठक के संपन्न होने के बाद सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की।
कैबिनेट के अहम फैसले ये रहे?
भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA): केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दे दी है। ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य)’ नामक इस केंद्रीय क्षेत्र की योजना के लिए 33,660 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत देशभर में 100 निवेश-तैयार प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना है। केंद्र सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक का वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी। यह योजना छह साल की अवधि के लिए है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2031-32 तक चलेगी। औद्योगिक पार्क के लिए न्यूनतम 100 एकड़ क्षेत्र की आवश्यकता होगी। हालांकि, पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में यह सीमा 25 एकड़ रखी गई है। यह पहल देश में विनिर्माण और रोजगार सृजन को गति देगी।
कपास एमएसपी (2023-24): कैबिनेट ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संचालन पर हुए 1,718 करोड़ रुपये के खर्च की प्रतिपूर्ति को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय किसानों को समर्थन देने के लिए लिया गया था, क्योंकि अक्तूबर 2023 से सितंबर 2024 तक चले इस सीजन में कपास की कीमतें एमएसपी से नीचे गिर गई थीं। सरकार ने भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के माध्यम से किसानों से एमएसपी पर कपास की खरीद की। इस खरीद से 7.25 लाख किसानों को सीधा लाभ मिला। कुल 33 लाख गांठें कपास खरीदी गईं। इन खरीदों के माध्यम से किसानों को कुल 11,712 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। कपास सीजन 2023-24 में भारतीय किसानों ने कुल 325 लाख गांठें कपास का उत्पादन किया था।
राजमार्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर (NH-927): राष्ट्रीय सड़क संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के बाराबंकी से बहराइच खंड को 4-लेन बनाने के लिए 6,969 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिली है।
लघु पनबिजली विकास योजना: स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से लघु पनबिजली विकास योजना के लिए 2,585 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
Sarke Chunariya Song Controversy : सरके चुनर’ गाने पर NHRC ने लिया संज्ञान, जारी किया नोटिस


















