Home Uttarakhand Garhwal कोटद्वार-लालढ़ांग मार्ग पर जल्द ही फर्राटा भरेंगे वाहन

कोटद्वार-लालढ़ांग मार्ग पर जल्द ही फर्राटा भरेंगे वाहन

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देहरादून। गढ़वाल-कुमाऊं को सीधे आपस में जोड़ने वाली कंडी रोड (रामनगर-कालागढ़-कोटद्वार-लालढांग) के हिस्से चिल्लरखाल (कोटद्वार)-लालढांग मार्ग पर जल्द ही वाहन फर्राटा भरेंगे। 11 किमी लंबे इस मार्ग के नौ किमी में डामरीकरण के लिए सरकार ने वन भूमि लोनिवि को गैर वानिकी कार्यों के लिए दे दी है।

इस संबंध में फाइनल आदेश जारी कर दिए गए हैं। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के अनुसार इस मार्ग के शेष दो किमी हिस्से के निर्माण में वन अधिनियम बाधक नहीं बनेगा। हालांकि, इसके लिए भी लोनिवि को भूमि सौंपने के आदेश जल्द जारी हो जाएंगे।

कंडी रोड के चिल्लरखाल (कोटद्वार)-लालढांग मार्ग के डामरीकरण को लेकर सरकार ने अत्यधिक तेजी से कार्य किया है। डामरीकरण के लिए हाल में लालढांग और चिल्लरखाल की ओर तरफ से वन भूमि लोनिवि को सौंपने के सैद्धांतिक आदेश किए। अब इसके फाइनल आदेश भी कर दिए गए हैं। वन मंत्री डॉ. रावत के अनुसार इससे लोनिवि इस मार्ग के करीब नौ किलोमीटर हिस्से में डामरीकरण कर सकेगा।

हरिद्वार से कोटद्वार के बीच दूरी 40 किमी कम हो जाएगी

यह कार्य चल रहा है। इसके अलावा इस क्षेत्र में तीन पुलों पर भी काम तेजी से चल रहा है। डॉ. रावत ने कहा कि इस मार्ग को वाहनों से लिए जाने वाले मार्ग संधारण शुल्क से भी मुक्त कर दिया गया है। अब इसका डामरीकरण होने और पुलों के बन जाने के बाद देहरादून, हरिद्वार से गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार के लिए आवाजाही सुगम हो जाएगी। साथ ही देहरादून व हरिद्वार से कोटद्वार के बीच दूरी 40 किमी कम हो जाएगी।

इससे लोगों के धन एवं समय की बचत होगी। यही नहीं, कोटद्वार आने-जाने के लिए उत्तर प्रदेश से गुजरने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कोटद्वार क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।