Home Uttarakhand Garhwal छात्र-छात्राओं को निभानी पड़ती घंटी बजाने की जिम्मेदारी

छात्र-छात्राओं को निभानी पड़ती घंटी बजाने की जिम्मेदारी

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बच्चे ही करते हैं स्कूल की साफ-सफाई ।

उत्तरकाशी: जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से 130 किलोमीटर दूर विकासनगर-यमुनोत्री हाईवे से लगा है राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड। सुबह के आठ बजे हैं। छात्र-छात्राओं का स्कूल पहुंचने का सिलसिला जारी है।

इस बीच प्रभारी प्रधानाचार्य चेतनदेव नौटियाल भी विद्यालय पहुंचे और विद्यालय के अन्य कार्यालयों व कक्षों की चाबी बच्चों को सौंप दी। सभी कक्षों व कार्यालयों का ताला खोलने के बाद छात्र-छात्राएं उनकी सफाई में जुट गए। करीब आधा घंटे में पूरे विद्यालय की सफाई हो चुकी है।

विद्यालय की घड़ी में नौ बजते ही एक छात्र ने कार्यालय में रखी घंटी उठाई और प्रथम पुकार के लिए उसे बजाना शुरू कर दिया। सवा नौ बजे प्रार्थना की घंटी भी छात्रों ने ही बजाई। प्रार्थना वादन राष्ट्रीय गान के साथ ठीक साढ़े नौ बजे संपन्न हुआ।

अब लाइन बनाकर सभी छात्र-छात्राएं अपने-अपने कक्षा-कक्षों में पहुंचे। इसी बीच छठी कक्षा के एक छात्र ने प्रथम वादन की घंटी बजाई। सभी कक्षाओं में शिक्षकों ने पढ़ाना शुरू कर दिया।

कार्यालय में लगे वादन की समय सारणी के अनुसार दूसरा वादन सुबह 10.10 बजे शुरू होना था। लेकिन, पढ़ाने में मशगूल गुरुजी को पता ही नहीं चला कि कब सवा दस बज गए। अचानक याद आया तो एक छात्र को उठाकर उन्होंने दूसरे वादन की घंटी बजाने को भेजा।

घंटी बजाने का सिलसिला साढ़े तीन बजे नवें वादन तक चलता रहा। छुट्टी होने से पहले छात्रों ने अपने-अपने कक्ष के दरवाजे बंदकर ताले लगाए और चाबी प्रधानाचार्य के सुपुर्द कर दी।

छह साल से विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के चार पद रिक्त

इस संबंध में तस्दीक की तो पता चला कि यह तो छात्रों की नियमित दिनचर्या का हिस्सा है। पूछने पर प्रभारी प्रधानाचार्य चेतनदेव नौटियाल ने बताया कि बीते छह साल से विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के चार पद, दफ्तरी, सफाई कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी के एक-एक पद रिक्त चल रहे हैं।

बीते दो साल से तो विद्यालय में नियमित प्रधानाचार्य भी नहीं हैं। कॉलेज प्रशासन इन रिक्त पदों के सापेक्ष नई नियुक्ति करने की मांग कई बार उच्चाधिकारियों से कर चुका है। लेकिन, हालात अब तक नहीं बदले।

बारी-बारी से करते हैं सफाई

विद्यालय में छठी से 12वीं कक्षा तक 420 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी को बारी-बारी से विद्यालय की साफ-सफाई और घंटी बजाने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।

व्यवस्था बनाने का होगा प्रयास

उत्तरकाशी के मुख्य शिक्षाधिकारी के मुताबिक आरसी आर्य यह मामला मेरे संज्ञान में है। मैं जल्द ही बर्नीगाड जाऊंगा और विद्यालय में स्थानीय स्तर पर कुछ व्यवस्था करने की कोशिश करूंगा।

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