Home News International किम मुझसे भी मिलने के इच्छुक: ट्रंप

किम मुझसे भी मिलने के इच्छुक: ट्रंप

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वॉशिंगटन: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच हुई मुलाकात के बाद भी अमेरिका उत्तर कोरिया के खिलाफ अपने सख्त रवैये में बदलाव लाता नहीं दिख रहा है।

वॉशिंगटन प्योंगयांग के खिलाफ बनाए रखेगा अधिकतम प्रतिबंध और दबाव

दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साफ किया कि वॉशिंगटन प्योंगयांग के खिलाफ अधिकतम प्रतिबंध और दबाव बनाए रखेगा। बता दें कि चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग ने कहा था कि किम के साथ चीनी नेताओं की बैठक काफी अच्छी रही थी।

इस बैठक के बाद ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘कल रात चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से किम के साथ बैठक के बारे में जानकारी मिली। यह बैठक काफी अच्छी रही और किम मुझसे भी मिलने के इच्छुक हैं। हालांकि इन सबके बावजूद और दुर्भाग्य से अभी भी उत्तर कोरिया पर अधिकतम प्रतिबंध और दबाव बना रहना चाहिए।’

कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण अभी दूर की कौड़ी

ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा, ‘वर्षों से और कई सरकारों द्वारा यह बात लगातार कही जा रही है कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण अभी दूर की कौड़ी है। अब किम के लिए यह अच्छा मौका है कि वह अपने देश की जनता और मानवता के लिए बेहतर प्रयास करें। मैं उनके साथ बैठक की प्रतीक्षा में हूं।’

गौरतलब है कि 2011 में अपने पिता के निधन के बाद सत्ता संभालने वाले किम ने पहली बार किसी देश की यात्रा की थी। इस यात्रा में किम ने चीन के साथ मिलकर परमाणु प्रसार को रोकने का संकल्प लिया है।

चीन पहुंचे किम का किया गया सम्मान

पत्नी के साथ चीन पहुंचे किम का सम्मान किया गया और उन्होंने चीन के नेताओं के साथ खाना भी खाया। हाल के दिनों में उत्तर कोरिया का उसके पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते तल्खी भरे रहे हैं। हालांकि चीन में किम का जोरदार स्वागत किया गया।

वह 21 डिब्बों के बुलेटप्रूफ ट्रेन में चीन पहुंचे थे। किम की इस यात्रा को आने वाले कुछ समय में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई इन और अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप के साथ होने वाली बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है।

कुछ दिनों पहले तक उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच काफी तल्ख बयानबाजी होती रही थी। यहां तक कि दोनों देश एक दूसरे को तबाह करने और युद्ध की धमकी तक देते थे। प्योंगयांग के लगातार परमाणु परीक्षणों के कारण संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के नेतृत्व में कई देशों ने उसपर कई सारे कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। ट्रंप और किम ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े शब्दों तक का प्रयोग किया था।

यात्रा को स्वदेश लौटने तक रखा गया था गुप्त

बता दें कि जब किम की यात्रा को उनके स्वदेश लौटने तक गुप्त ही रखा गया था। किम के पिता किम जोंग इल भी जब चीन की यात्रा करते थे, तब भी उनके वापस जाने के बाद ही यात्रा की पुष्टि की जाती थी।

किम जोंग इल अपनी निजी ट्रेन से चीन और रूस की यात्रा किया करते थे, वह भी कड़ी सुरक्षा के बीच। राजनयिकों और अन्य सूत्रों ने बताया कि किम जोंग इल विमान से विदेश यात्रा इसलिए नहीं करते थे क्योंकि उन्हें सुरक्षा का खतरा होता था।

हालांकि, उनके बेटे किम जोंग उन ने स्विट्जरलैंड से पढ़ाई की है और कई बार प्लेन में बैठी उनकी तस्वीरें मीडिया में भी आई हैं। लेकिन साल 2011 में पिता के निधन के बाद सत्ता संभालने के वक्त से वह देश से बाहर नहीं गए थे।