Home Breaking त्रिवेंद्र सिंह रावत होंगे उत्तराखंड के नए सीएम

त्रिवेंद्र सिंह रावत होंगे उत्तराखंड के नए सीएम

आज लेंगे 10 मंत्री के साथ शपथ

104
3
SHARE
uknews-trivendra singh
त्रिवेंद्र सिंह रावत होंगे उत्तराखंड के नए सीएम

देहरादून: वरिष्ठ भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के अगले मुख्‍यमंत्री बन गए हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय पर्यवेक्षक राष्ट्रीय अध्यक्ष को नाम सौंपा। इसके बाद आधिकारिक घोषणा की गई। मंत्रिमंडल के लिए कुछ नामों पर भी चर्चा हुई है। सूत्रों की माने तो आज मुख्यमंत्री के साथ 10 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं।

करीब दो घंटे चली विधायक दल की बैठक

अपराहन तीन बजे से शुरू हुई विधायक दल की बैठक करीब दो घंटे चली। इसमें सतपाल महाराज और प्रकाश पंत ने विधायक दल के नेता के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत के नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर मदन कौशिक, बिशन सिंह चुफाल, हरक सिंह रावत, ऋतू भुसन खंडूड़ी और यशपाल आर्य ने समर्थन किया। साथ ही ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

नाम चर्चाओं में थे

गौरतलब है कि 11 मार्च को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के परिणाम घोषित हुए थे। चुनाव परिणाम में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला। भाजपा ने 70 सीटों में से 57 पर विजयश्री प्राप्त की। यहां सीएम पद की दौड़ में त्रिवेंद्र सिंह रावत, सतपाल महाराज और प्रकाश पंत का नाम चर्चाओं में था।
विधायक दल की बैठक के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्‍तराखंड के नए मुख्‍यमंत्री चुने गए। विधायक दल की बैठक में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की गई। इसके लिए दिल्ली से भाजपा के वरिष्ठ नेता देहरादून में पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री चयन को लेकर देहरादून के होटल पैसेफिक में विधायक मंडल की बैठक चली। इसमें केंद्रीय पर्यवेक्षको के साथ प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट समेत 57 विधायक और सांसद भी मौजूद रहे।

आरएसएस प्रचारक से मुख्‍यमंत्री तक का सफर

भाजपा के वरिष्‍ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्‍तराखंड के नए मुख्‍यमंत्री होंगे। उन्‍होंने एक आरएसएस प्रचारक से मुख्‍यमंत्री का सफर तय किया। इसी बीच वह कई अहम पदों पर भी रहे।

जन्म 20 दिसंबर 1960

बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत का जन्म 20 दिसंबर 1960 को पिता प्रताप सिंह रावत के घर पौड़ी गढ़वाल में हुआ। इनका विवाह सुनीता रावत से हुआ। सुनीता रावत शिक्षि‍का हैं और देहरादून में नियुक्त हैं। इनकी दो पुत्रि‍यां हैं। त्रिवेंद्र रावत ने स्नातकोत्तर और पत्रकारिता में डिप्लोमा लिया।

राजनीतिक सफर

रावत का राजनीतिक सफर वर्ष 1979 में शुरू हुआ। इस वर्ष त्रिवेंद्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। वर्ष 1981 में संघ के प्रचारक के रूप में काम करने का उन्‍होंने संकल्प लिया। वर्ष 1985 में देहरादून महानगर के प्रचारक बने। वर्ष 1993 में वह भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री बन गए।
आला कमान ने उन्‍हें 1997 व 2002 में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड अलग राज्‍य बनने के बाद पहली बार 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में डोईवाला से जीत दर्ज की। उन्‍होंने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा और 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में डोईवाला से एक बार फिर विजयश्री प्राप्‍त की। 2007 से 2012 तक भाजपा सरकार में कृषि मंत्री रहे।

चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था

वहीं, 2012  विधानसभा चुनाव में वह रायपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और हार गए। 2014 में डोईवाला सीट पर हुए उपचुनाव में भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। साल 2014 में उन्‍हें झारखंड का प्रदेश प्रभारी बनाया गया। 2017 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में उन्‍होंने डोईवाला सीट से जीत दर्ज की। वहीं, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ उत्तर प्रदेश में सह प्रभारी रहे।

3 COMMENTS

LEAVE A REPLY