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आज से राजभवन में फूलों का मेला

राज्यपाल डाक विभाग की ओर से तैयार आवरण भी करेंगे जारी

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आज से राजभवन में फूलों का मेला

देहरादून: राजभवन का भव्य और हरा-भरा परिसर रंग-बिरंगे मोहक फूलों से महक उठेगा। वसंतोत्सव-2017 के तहत 4 व 5 मार्च को राजभवन में पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस अवधि में राजभवन के दरवाजे आमजन के लिए दिनभर खुले रहेंगे।

राजभवन परिसर में स्थापित ‘एरोमैटिक गार्डन’ में 20 प्रजाति के सगंध पौधे रोपकर राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने वसंतोत्सव की शुरुआत की। राजभवन सचिवालय के सभा कक्ष में मीडिया को संबोधित करते उन्होंने कहा कि ‘पुष्प प्रदर्शनी’ का उद्देश्य केवल पुष्पों का प्रदर्शन नहीं बल्कि फूलों से किस प्रकार आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है यह जागरूकता फैलाना है। यह आयोजन लोगों को अपने घरों में फल-सब्जियां उगाने के साथ फूलों को उगाने के लिए भी प्रेरित करेगा।

प्रदर्शनी के माध्यम से काश्तकारों, आम नागरिकों को पुष्पोत्पादन की नई तकनीक व व्यावसायिक दृष्टि से लाभकारी प्रजाति के पुष्पों की जानकारी भी दी जाएगी। राज्यपाल ने बताया कि प्रदर्शनी में किसानों के लिए संचालित कार्यक्रमों, नीतियों के संबंध में जानकारी देने के लिए भी स्टॉल लगाए जाएंगे। इस अवसर पर शहरी विकास सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम व उद्यान विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

बद्री तुलसी पर डाक टिकट

बसंतोत्सव में राज्यपाल डाक विभाग की ओर से तैयार आवरण भी जारी करेंगे। जिस पर उत्तराखंड की विशेष प्रजाति ‘बद्री तुलसी’ के चित्र को दर्शाया गया है। बद्री तुलसी औषधीय पौधा है। ये बद्रीनाथ धाम में प्रसाद के रूप में दी जाती है।

डाक टिकट संग्रह रहेगा खास

‘डाक टिकट संग्रह प्रदर्शनी’ में इस वर्ष एक और आयाम जोड़ा गया है। जिसके तहत डाक टिकट संग्रह के शौकीन स्कूली बच्चों के लिए प्रतियोगिता रखी गई है। जिसमें 25 स्कूली बच्चों की ओर से अपना डाक टिकट संग्रह प्रदर्शित किया जा रहा है। तीन श्रेष्ठ संग्रहकर्ता विद्यार्थियों को राज्यपाल सम्मानित करेंगे।

बहेगी सांस्कृतिक बयार

बसंतोत्सव में फूलों की सुगंध के साथ ही सांस्कृतिक बयार भी बहेगी। सांस्कृतिक विभाग के कलाकार लोकगीत व नृत्यों की प्रस्तुति देंगे। आर्मी बैंड व आइटीबीपी की ओर से जूडो-कराटे की भी खास प्रस्तुति रहेगी। देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा योग का प्रदर्शन किया जाएगा।

इस बार खास

-वर्टिकल गार्डन के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में औद्यानिकी को बढ़ावा देने की पहल। कम स्थान पर विशेषकर घर की छत अथवा बालकनी में पुष्प एवं जैविक सब्जियों की खेती का प्रदर्शन।

-पुष्प उत्पादकों व क्रेताओं के मध्य सीधे सामंजस्य स्थापित करने के लिए पहली क्रेता-विक्रेता सम्मेलन।

-चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम बार बालगृह भी प्रतिभाग करेगा।

-नारी निकेतन के स्टॉल पर संवासिनियों के तैयार उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

-थलसेना की 116 इन्फैन्ट्री ब्रिगेड का खुखरी डास और आइटीबीपी की ओर से आपदा बचाव की तकनीक व उपयोग में लाए जाने वाले यंत्रों का प्रदर्शन।

-लोहाघाट व पिथौरागढ़ के लोहे के बर्तनों और अल्मोड़ा के ताबे के बर्तनों का प्रदर्शन व विक्रय।

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