Home Uttarakhand Kumaun राज्य में निवेश के अवसरों पर रोशनी डालना काॅन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य

राज्य में निवेश के अवसरों पर रोशनी डालना काॅन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य

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uknews-Officer in the Mamunicin Agriculture Minister Subodh Uniyal in the mini-Conclave
मिनी काॅन्क्लेव में मंचासीन कृषि मंत्री सुबोध उनियाल में अधिकारी।

फूड प्रोसेसिंग और आॅटोमोबाइल सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित किया मिनी काॅन्क्लेव

रुद्रपुर। उत्तराखण्ड सरकार के उद्योग विभाग ने आज उत्तराखण्ड के रुद्रपुर में फूड प्रोसेसिंग एवं आॅटोमोबाइल सेक्टर विषय पर एक मिनी काॅन्क्लेव का आयोजन किया। यह कार्यक्रम ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-इन्वेस्टर्स समिट ’ से पहले आयोजित किया गया है, जिसका आयोजन अक्टूबर के पहले सप्ताह में किया जाना है। देहरादून में आयोजित ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-इन्वेस्टर्स समिट’ का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने निवेशकों को राज्य में निवेश के अवसरों के बारे मंे बताया

उत्तराखण्ड के कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल तथा उत्तराखण्ड सरकार में रुद्रपुर के विधायक राजकुमार ठुकराल ने मिनी काॅन्क्लेव को संबोधित किया। उत्तराखण्ड के कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भी रुद्रपुर में एकत्र हुये लोगों को संबोधित किया।
इनमें शामिल थे  एस.के. वर्मा, डिप्टी सचिव, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (एमओएफपीआइ) मंत्रालय, श्रीमति मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव, उद्योग; डाॅ. सेंथिल पांडियन, सचिव, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, उत्तराखंड सरकार, सौजन्या, महानिदेशक एवं आयुक्त, उद्योग और श्री एस.सी. नौटियाल, निदेशक, उद्योग।
मिनी-काॅन्क्लेव में दर्शकों को संबोधित करने वाले अन्य प्रमुख वक्ताओं में संदीप गर्ग, निदेशक, ग्रैफिटी फूड्स; अशोक अग्रवाल, निदेशक, केएलए फूड्स; अनल विजय सिंह, प्लांट हेड, टाटा मोटर्स लिमिटेड; सुमित दोसेजा, हेड, ग्लोबल केएएम, मिंडा मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड, और संजय गोयल, निदेशक, श्रीराम साॅल्वेंट एक्सट्रैक्शंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल थे।

बड़ी संख्या में लोगों ने लिया हिस्सा

‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड- इन्वेस्टर्स समिट 2018’ में निवेशकों की भागीदारी आकर्षित करना तथा उत्तराखण्ड राज्य में निवेश के अवसरों पर रोशनी डालना काॅन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य था। काॅन्क्लेव को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली और राज्य में फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण), आॅटोमोबाइल एवं आॅटो कम्पोनेन्ट सेक्टर से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लिया।

आॅटोमोबाइल सेक्टर में भी निवेश के अपार अवसर

राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश के अपार अवसर हैं जैसे प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर के साथ मल्टी प्रोडक्ट प्रोसेसिंग यूनिट, फलों एवं सब्ज़ियों के लिए आईक्यूएफ आदि। राज्य आॅटोमोबाइल सेक्टर में भी निवेश के अपार अवसर प्रस्तुत करता हैै जैसे इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, कृषि उपकरणों एवं अर्थ मुविंग वाहनों का निर्माण आदि।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उत्तराखण्ड सरकार के माननीय कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, ‘‘उत्तराखण्ड कच्चे माल के संग्रहण के लिए स्टोरहाउस है तथा फल, सब्ज़ियां और फसलें भी यहां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

मिनी काॅन्क्लेव निवेशकों को आमंत्रित करने का एक तरीका

राज्य अपने दो मेगा फूड पार्क, चार ओद्यौगिक क्लस्टर्स, अपने स्थायी राजनैतिक माहौल एवं उपयुक्त श्रम संसाधनों के साथ खाद्य प्रसंस्करण के लिए सशक्त बुनियादी ढांचा प्रस्तुत करता है। उत्तराखण्ड सरकार ने निवेशकों के लिए बिजनेस हितैषी माहौल बनाया है और यहां के अफसरों तक आसानी सेपहुंच बना सकते हैं जोकि हमारे राज्य में निवेश को तेजी प्रदान करने में सहयोग देते हैं। यह मिनी काॅन्क्लेव निवेशकों को आमंत्रित करने का एक तरीका हैं। इस मौके पर रुद्रपुर के विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा, ‘‘उत्तराखण्ड कृषि के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराता है, जो साल भर सब्ज़ियों, फलों एवं फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है।

रुद्रपुर में बिजनेस को लेकर सर्वश्रेष्ठ माहौल

उत्तराखण्ड के रुद्रपुर में बिजनेस को लेकर सर्वश्रेष्ठ माहौल है और हम इस क्षेत्र में बिजनेस को स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग मुहैया करायेंगे। रुद्रपुर में लगभग 500 फैक्ट्रियां हैं जोकि विभिन्न उद्योगों की जरूरतों को पूरा करती हैं जिन्हें ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड समिट‘ का लाभ मिलेगा।‘‘मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव, उद्योग ने एमएसएमई के लिए अपनाये गये विभिन्न इंसेंटिव्स, उत्तराखण्ड में आसानी से बिजनेस करने के लिए अपनाई गई पारदर्शिता और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के बारे में बात की।
उन्होंने हितधारकों को आगे आने और ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड समिट 2018‘  में हिस्सा लेने और विभिन्न घरेलू एवं विदेशी कपंनियों के साथ संवाद कर लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखण्ड सरकार प्रमुख हितधारकों के साथ कई बी2बी और बी2जी बैठकों को बढ़ावा देने में मदद करेगी।‘‘सौजन्या, महानिदेशक एवं आयुक्त, उद्योग ने उत्तराखंड में कारोबार करने में आसानी के बारे में बात की और निवेश माहौल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनाई गईं विभिन्न पहलों पर जोर दिया। इसमें समय पर मंजूरी मिलना, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिटम, प्रक्रिया में सरलीकरण और नीतियां और इंसेंटिव्स शामिल हैं।