Home News National राफेल सौदे पर जांच की मांग करने वाली सभी याचिकाएं खारिज

राफेल सौदे पर जांच की मांग करने वाली सभी याचिकाएं खारिज

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राफेल सौदे पर देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा मोदी सरकार को क्लीन चिट दिए जाने के बाद कांग्रेस का यह कहना बेशर्मी की राजनीति की पराकाष्ठा है कि हमारा आरोप अधिक कीमत को लेकर था और इस पर संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी की मांग बनी रहेगी।

इस फैसले का नतीजा मात्र यह नहीं है कि मोदी की बेदाग छवि मजबूत हुई, बल्कि यह भी है कि भविष्य में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक बार फिर अपनी राजनीतिक परिपक्वता सिद्ध करनी पड़ेगी। अब अगर कोई सही लगने वाला आरोप भी कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से आएगा तो जनता उस पर सहज भरोसा नहीं करेगी। उन्होंने मोदी के लिए जो फंदा तैयार किया था उसमें खुद ही फंस गए।

राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहुल गांधी को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई आसानी से नहीं होगी। उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनेगी जो सियासी लाभ के लिए कुछ भी कह सकता है और यहां तक देश की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली बातें भी।

इसकी भी अनदेखी नहीं की जा सकती कि राफेल सौदे पर राहुल गांधी के बयानों का फ्रांस सरकार और राफेल बनाने वाली कंपनी दासौ ने बार-बार खंडन किया, लेकिन वह अपने झूठ को दोहराते रहे। एक समय तो ऐसा भी लगा कि उन्हें भारत और फ्रांस के ऐतिहासिक रिश्तों की भी परवाह नहीं है। इसके पहले शायद ही कभी किसी भारतीय नेता ने कूटनीतिक रिश्तों को इस तरह दांव पर लगाया हो।