Home Sports स्टीव वॉ ‘सबसे ज्यादा स्वार्थी’

स्टीव वॉ ‘सबसे ज्यादा स्वार्थी’

64
0
SHARE
uknews-Steve Waugh the Most Selfish Player

शेन वॉर्न की किताब ‘नो स्पिन’ बाजार में

लंदन: विवादास्पद महान स्पिनर शेन वॉर्न की किताब ‘नो स्पिन’ बाजार में होगी। इस किताब में वॉर्न ने अजेय ऑस्ट्रेलियाई टीम के ड्रेसिंग रूम में बिताए अपने समय के दौरान का भी विस्तार से जिक्र किया है। उन्होंने इस दौरान घटी घटनाओं का खुलासा करने में जरा भी गुरेज नहीं किया। इतना ही नहीं वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया की अजेय टीम के कप्तान स्टीव वॉ के बारे में लिखा है कि वह उन्हें ‘सबसे ज्यादा स्वार्थी’ लगते हैं तथा ‘बैगी ग्रीन’ कैप के प्रति अंधभक्ति दिखाने से उन्हें चिढ़ होती है।

इस किताब के कुछ अंश ‘द टाइम्स’ अखबार में छपे हैं, जिसमें इन दावों और खुलासों के बारे में बताया गया है। वॉर्न ने लिखा, ‘ऑस्ट्रेलिया टीम की जितनी पूजा की जाती है, जिसमें जस्टिन लैंगर, मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट शामिल थे जिनकी इसके प्रति इतनी श्रद्धा थी। लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं था।’

कौन क्रिकेट टीम की कैप विम्बलडन में पहनता है?

उन्होंने लिखा, ‘वे टीम को पसंद करते थे, लेकिन ईमानदारी से कहूं, तो आधे समय तो वे मुझे इससे खिन्न करते थे। मेरा मतलब है कि कौन क्रिकेट टीम की कैप विम्बलडन में पहनता है? यह शर्मसार करने वाला था। मार्क वॉ को भी ऐसा ही लगता था। मुझे यह साबित करने के लिए ‘बैगी ग्रीन’ कैप की जरूरत नहीं थी कि मेरे लिए ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलना कितनी अहमियत रखता है या फिर हमें देख रहे लोगों के लिए यह कितनी अहमियत रखता है।’

वॉ के बारे में बात करते हुए वॉर्न ने उस समय के बारे में लिखा है, जब उन्हें फॉर्म में नहीं होने का हवाला देते हुए वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान 1999 में टीम से बाहर कर दिया गया था। अपने कप्तान का समर्थन नहीं मिलने से वॉर्न को लग रहा था कि उन्हें नीचा दिखाया गया। उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए लिखा, ‘मैं उपकप्तान था और साधारण गेंदबाजी कर रहा था और टुगा (वॉ) ने चयन बैठक में शुरूआत की और कोच ज्योफ मार्श ने कहा, ‘वॉर्नी, मुझे नहीं लगता कि तुम्हें अगले टेस्ट में खेलना चाहिए।’

वॉर्न ने याद करते हुए लिखा, ‘चुप्पी छा गई। फिर मैंने कहा, ‘क्यों?’ मुझे जवाब मिला, ‘मुझे नहीं लगता कि तुम बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हो।’ मैंने कहा, ‘हां…सही फैसला।’ फिर मैंने कहा, ‘मेरा कंधा सर्जरी के बाद ज्यादा समय ले रहा है, जबकि मैंने ऐसा नहीं सोचा था लेकिन मैं फॉर्म में वापसी करने करीब हूं। फॉर्म धीरे धीरे वापस आ रही है और फिर लय भी आ जाएगी। मैं चितिंत नहीं हूं।’

‘निराशा इतना ज्यादा कड़ा शब्द नहीं

वॉर्न ने लिखा, ‘निराशा इतना ज्यादा कड़ा शब्द नहीं है। जब मुश्किल का दौर आया तो टुगा ने मेरा समर्थन नहीं किया और उस व्यक्ति ने मुझे नीचा दिखाया जिसका मैंने इतने समय तक समर्थन किया था और जो मेरा अच्छा दोस्त भी था।’ इस स्पिनर को लगता है कि कप्तान बनने के बाद वॉ का रवैया बहुत खराब हो गया था।

उन्होंने लिखा, ‘…मेरे प्रदर्शन के अलावा भी कुछ और घटनाएं हुईं – मुझे लगता है कि यह ईर्ष्या थी। उसने मेरी हर चीज पर टोकाटाकी शुरू कर दी, मुझे मेरी डाइट देखने को कहा और मुझे कहता कि मुझे ज्यादा समय इस बात पर लगाना चाहिए कि मैं अपनी जिंदगी में कैसा व्यक्ति बनना चाहता हूं, किस तरीके से पेश करना चाहता हूं। इस तरह की चीजें। मैंने उससे कहा, ‘दोस्त, तुम अपने बारे में सोचो।’