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अमिताभ मेरे स्ट्रगल के दौरान के दोस्त

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uknews-some people had created a misunderstanding between me and amitabh

मैं जल्दी ही शूटिंग शुरू करूंगा

बॉलिवुड के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा इन दिनों फिल्मों से ज्यादा राजनीती में सक्रिय हैं, लेकिन अब वह कुछ स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं और बताते हैं कि जल्द ही वह फिल्मों की शूटिंग भी शुरू करेंगे। शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बातचीत में कहा, ‘समय की कमी और सामाजिक दायित्वों की वजह से फिल्मों से दूर जरूर हो गया हूं, लेकिन पिछले दिनों कुछ दिलचस्प स्क्रिप्ट पढ़ने को मिली हैं, तो अब समय निकालकर फिल्मों में काम करने के बारे में भी सोच रहा हूं। मैं जल्दी ही शूटिंग शुरू करूंगा।’

 

दोस्ती आज भी कायम

पिछले दिनों अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर ऋषि कपूर ने कहा था कि उस जमाने में लड़कियों के मामले में अमिताभ और शत्रुघ्न की ठनी रहती थी। ऋषि कपूर की इस बात पर शत्रुघ्न कहते हैं, ‘अमिताभ मेरे स्ट्रगल के दौरान के दोस्त है, यह दोस्ती आज भी कायम है। बीच में कुछ लोगों ने हमारे बीच गलतफहमी पैदा करने की कोशिश की और वह थोड़े समय के लिए कामयाब भी हुए। समय के साथ यह छोटे-मोटे मनमुटाव मायने नहीं रखते।’

अब पहले की तरह मुलाकात नहीं होती

शत्रुघ्न आगे कहते हैं, ‘अब मैं और अमिताभ दोनों इतने अनुभवी और सीनियर हो गए हैं कि इन सब बातों से ऊपर उठ चुके हैं। अब पहले की तरह मुलाकात नहीं होती है। अब त्यौहार या किसी खास मौके पर जब हमारे या उनके घर से निमंत्रण आता है, तब हम जरूर उस न्योते को प्राथमिकता देते हैं। अब मेरे दिल में अमिताभ के लिए प्यार, सम्मान और आकर्षण के अलावा कुछ और चीज नहीं है। मैं समझता हूं अमिताभ बच्चन के दिल में भी ऐसी ही भावना है।’

इंडस्ट्री की दोस्ती लिव इन लाइसेंस की तरह

फिल्म इंडस्ट्री में भाई-चारे और दोस्ती की बात को आगे बढ़ाते हुए शत्रुघ्न कहते हैं, ‘ मेरे दोस्त सुभाष घई हमेशा कहते हैं कि फिल्मों की दोस्ती सिर्फ रील लाइफ में ही होती है, असल जिंदगी में बहुत कम मौके आते हैं, जब वह दोस्ती-यारी जिंदगी भर साथ चलती है। इंडस्ट्री की दोस्ती लिव इन लाइसेंस की तरह चलती है। जब तक आपकी फिल्म चलती है, तब तक दोस्ती चलती है।’

शत्रुघ्न आगे कहते हैं, ‘अगर आपकी फिल्म 11 महीने चलती है तो इन 11 महीनों तक खाना, मिठाई और बिरयानी आती रहेगी। इस दौरान एक दूसरे को खूब गले लगाकर बुलाया-बैठाया जाता है, जैसे ही फिल्म की शूटिंग पूरी हो जाती है, वैसे ही दोस्ती का मामला खत्म हो जाता है। कभी-कभी फिल्मों की दोस्ती टिकती भी है, लेकिन ऐसा बहुत कम होता हैं, जैसे मेरी और सुभाष की दोस्ती, अमिताभ बच्चन के साथ मेरी दोस्ती या ऋषि कपूर और अमिताभ बच्चन की दोस्ती।’