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महाविद्यालय के लिए जवाड़ी में भूमि का चयन

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uknews-Local village selection of college land
महाविद्यालय की जमीन का चयन करते स्थानीय ग्रामीण।
रुद्रप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग के भवन निर्माण के लिए जवाड़ी में ही एक और स्थान पर भूमि का चयन किया गया। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रस्ताव बनाकर राजस्व विभाग को सौंप दिया है।
वर्ष 2006 में राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग की स्वीकृति मिली थी। शुरूआत में महाविद्यालय का संचालन आईटीआई के छात्रावास से हुआ। अब महाविद्यालय बालिका इंटर काॅलेज की बिल्डिंग पर चल रहा है।

रेतीली जमीन के कारण चोपड़ा में रूका है निर्माण कार्य

महाविद्यालय के भवन के लिए ग्राम पंचायत जवाड़ी के चोपड़ा नामक तोक में स्थान का चयन किया गया। यहां पर भवन निर्माण के लिए काॅलम भी पड़ चुके हैं। लेकिन जमीन रेतीली होने के कारण काम रोका गया है। रविवार को उच्च शिक्षामंत्री धन सिंह रावत ने निर्माणाधीन महाविद्यालय भवन का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि जमीन की एक बार फिर से भू-गर्भीय सर्वेक्षण कराया जाय और इसके साथ ही जवाड़ी गांव में ही अन्यत्र स्थान पर भी जमीन की तलाश की जाये। ताकि महाविद्यालय भवन का निर्माण जल्द हो सके।
वहीं सोमवार को राजस्व विभाग की टीम जमीन की तलाश के लिए जवाड़ी गांव में पहुंची। जवाड़ी गांव के मरूड़ी सारी व थामण तोक (उत्यासू) में भू-अभिलेखों के आधार पर नापजोख की गयी। यहां पर करीब 35 नाली सरकारी जमीन उपलब्ध है। तकरीबन इतनी ही जमीन की आवश्यकता महाविद्यालय के लिए है। आवश्यकता पड़ने पर इसके अतिरिक्त भी ग्रामीण अपने नापखेत देने के लिए तैयार है।

जवाड़ी में चार स्थानों पर महाविद्यालय के लिए पर्याप्त जमीनः नौटियाल

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से भूमि को महाविद्यालय के निर्माण के लिए प्रस्तावित किया। महाविद्यालय के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे भगवती प्रसाद नौटियाल ने कहा कि जवाड़ी में करीब चार स्थानों पर महाविद्यालय निर्माण के लिए पर्याप्त जमीन है। पहले तो चोपड़ा में भवन निर्माण का कार्य पूरा किया जाये।
यहां पर किसी वजह से भवन निर्माण नहीं होता है तो जवाड़ी में अन्य प्रस्तावित स्थान पर महाविद्यालय का निर्माण किया जाये। इस मौके पर किशोरीनंदन डोभाल, कमल सिंह कप्रवाण, प्रधान जवाड़ी कुंवर लाल सत्यार्थी, कल्पेश्वर नौटियाल, संदीप कप्रवाण, विक्रम कप्रवाण, प्रकाश कप्रवाण, उत्तम सिंह, शिशपाल सिंह, भरत सिंह बुटोला, जितार सिंह कप्रवाण, मदन मोहन नौटियाल समेत अन्य मौजूद थे।