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बच्चों को काबिल बनाने के लिए पैरंट्स न बनें ‘विलेन’

बच्चों को बोर्ड का डर न दिखाएं

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बच्चों को काबिल बनाने के लिए पैरंट्स न बनें 'विलेन'

बोर्ड परीक्षाओं के आते ही बच्चों से ज्यादा उनके परिजन तनाव में आ जाते हैं। इसका असर उनके बच्चों पर भी पड़ता है। इसके चलते बच्चों की बेहतरी चाहने वाले पैरंट्स अनजाने में उनके साथ बुरा कर जाते हैं।

वहीं, बच्चे भी खुद को साबित करने और माता-पिता के सपनों को पूरा करने के दबाव में आ जाते हैं। ऐसे में जरूरत है कि पैरंट्स अपने बच्चों के व्यवहार पर नजर बनाए रखें। उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करें और शांतिपूर्वक उनका समाधान करें।

इससे न सिर्फ उनके व्यवहार में बदलाव आएगा, बल्कि उनमें सकारात्मक ऊर्जा भी आएगी। जानें, परीक्षा के दौरान पैरंट्स को किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

बच्चों को बोर्ड का डर न दिखाएं

वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. संजीव त्यागी ने बताया कि बच्चों में बोर्ड एग्जाम का डर न दिखाएं। बच्चों के सामने बिलकुल हमेशा की तरह ही पेश आएं। ऐसा न करें कि टीवी बंद कर दो, बाहर नहीं जाना, खेलने नहीं देने और हमेशा पढ़ाई के लिए फोर्स करने से बचें। परीक्षा के चलते घर के माहौल को असामान्य न बनाएं। इस माहौल से बच्चे परेशान हो जाते हैं और पढ़ाई और एग्जाम में गलती हो जाती है।

सुने और समझें

परिजनों के लिए डॉ. त्यागी ने कहा कि बोर्ड एग्जाम में बच्चों को सुनें और समझें। उन्होंने कहा कि लोग बच्चों को सुनाते हैं और समझाते हैं, जबकि बच्चों को सुनना चाहिए और उनकी बात समझने की कोशिश करनी चाहिए। पढ़ने के लिए दबाव न डालें। अच्छे मार्क्स मायने रखते हैं, लेकिन बच्चे के गोल को भी जानने की कोशिश करें।

क्रिएटिव बनें

बोर्ड एग्जाम के दौरान पढ़ने के साथ क्रिएटिविटी पर भी ध्यान देना चाहिए। पूरे दिन पढ़ाई कराने के बजाए कुछ ऐसी एक्टिविटी भी कराएं जिनसे उनका पढ़ाई से ध्यान न भटके और उनका माइंड भी फ्रेश हो जाए। पेंटिंग या फिर उनका फेवरेट गेम साथ में खेलें। इससे बच्चे को पढ़ाई से थोड़ा ब्रेक मिलेगा और वे फिर से पढ़ाई शुरू कर पाएंगे।

स्टडी रूम का ध्यान रखें

एग्जाम के दौरान बच्चों के स्टडी रूम का ध्यान रखें। डॉ. त्यागी बताते हैं कि यह बच्चों का प्राइवेट स्पेस होता है। उनकी इजाजत के बिना उनकी किसी चीज को हाथ न लगाएं। चीजें इधर-उधर न करें और उनकी किताबों को सलीके से रखें, कमरे की सफाई करें।

मसाज करें

एग्जाम के दौरान बच्चों में अच्छे मार्क्स लाने की टेंशन होती है। माता-पिता फोर्स न भी करें तो भी बोर्ड एग्जाम का दबाव बच्चे समझते हैं। ऐसे में पढ़ाई के साथ बच्चों में एक तरह का दवाब भी रहता है, जिसके कारण अक्सर बच्चों को सिरदर्द की शिकायत होती है। ऐसे में बच्चे के सिर की मसाज करें। इससे उन्हें आराम मिलेगा।

डायट

कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल की डायटिशन अदिति के मुताबिक एग्जाम में खाने-पीने का ख्याल बहुत महत्वपूर्ण है। शरीर स्वस्थ रहेगा तो बच्चे भी एकाग्रता और आसानी से पढ़ सकेंगे। उन्होंने 5 सुपरफूड के बारे में बताया जिससे इन दिनों पैरंट्स बच्चों की सेहत का ख्याल रख सकते हैं।

1- अंडा, पालक, बादाम व अनाज में आयरन और विटामिन होते हैं। इनसे बच्चों में एनर्जी बनी रहती है।

2- सेब, जामुन, आलू, गाजर, सलाद और ब्राउन ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट होता है, जोकि बच्चों में एनर्जी भरते हैं।

3- ओमेगा थ्री फैटी एसिड बच्चों के दिमाग और उसका फोकस बढ़ाता है। ऑलिव ऑयल और सीफूड में भी इसके गुण पाए जाते हैं।

4- बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दें। इसके लिए उन्हें मिनरल वॉटर के अलावा, नारियल पानी और अच्छे एनर्जी ड्रिंक्स दें।

5- मैग्नीशियम से बच्चों को थकान नहीं महसूस नहीं होती। इसके लिए केला को उनके आहार में शामिल कीजिए।

टॉपर्स टिप्स

1- एग्जाम से पहले अपने गोल सेट कर लें और गोल बनाने में ईमानदार रहें।

2- ब्रेक बहुत जरूरी है, पढ़ने के बाद अपनी पसंद का कुछ जरूर करें, जिससे रिफ्रेश रह सकें।

3- एग्जाम के समय स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है और स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरूरी है नींद पूरी करना।

4- अपने गोल के हिसाब से तीन-चार बार रिविजन जरूर करें।

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