Home National Uttarakhand घाट निर्माण में गुणवत्ता न होने पर ब्लैक लिस्ट करने के आदेश

घाट निर्माण में गुणवत्ता न होने पर ब्लैक लिस्ट करने के आदेश

34
0
SHARE
uknews-DM Ghilliyal inspecting the ghats under construction in Ghatir
घोलतीर में निर्माणाधीन घाट का निरीक्षण करते डीएम घिल्ड़ियाल।
रुद्रप्रयाग। अलकनंदा एवं मंदाकिनी नदी के किनारे पर बन रहे घाटों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। साथ ही निर्माण कार्य को धीमी गति से किया जा रहा है। बरसात होने से नदियों का जल स्तर बढ़ने लगा है और निर्माणाधीन घाट जलमग्न हो रहे है। यदि जल्द ही निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में नदियों का जल स्तर और अधिक बढ़ जायेगा, जिससे घाटों का नामोनिशान ही मिट जायेगा।
घाटों के निर्माण कार्य पर सवालियां निशान भी खड़े हो रहे हैं। स्थानीय जनता का आरोप है कि नदियों के किनारे बनाये जा रहे सभी घाटों का निर्माण कार्य घटिया तरीके से हुआ है, जो एक ही बरसात में बह जायेंगे।

डीएम ने किया घोलतीर एवं कोटेश्वर में घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण

जनता की शिकायत पर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सिंचाई विभाग द्वारा अलकनन्दा नदी पर घोलतीर एवं कोटेश्वर में निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कार्य की गुणवत्ता और निर्माण की धीमी गति पर असंतोष जाहिर करते हुए शीघ्र ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पहले घोलतीर और बाद में कोटेश्वर में निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने घोलतीर में निर्माणधीन घाट का कार्य नाममात्र होने पर नाराजगी जताई। घाट में अभी तक प्रतीक्षालय, शौचालय, सीढियों का निर्माण एवं शवदाह गृह का निर्माण नहीं हुआ है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि कार्य को तोमर कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा किया जा रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए। घोलतीर के बाद जिलाधिकारी ने कोटेश्वर में निर्माणाधीन घाट का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लंाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें।

कार्य की गुणवत्ता और निर्माण की धीमी गति पर जताया असंतोष

कोटेश्वर में भी बीस प्रतिशत कार्य हुआ है, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी कि यदि कार्य को समय से पूरा नहीं किया गया तो ठेकेदार की पेमेंट रोक दी जाएगी। कोटेश्वर घाट पर शौचालय, बैठने के लिए छत्री के साथ ही सीढियों का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने विभाग और ठेकेदार को उच्च गुणवत्ता की सामग्री उपयोग में लाने के भी निर्देश दिए।
इस मौके पर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता पीएस पंवार, अधिशासी अभियंता टीएस गुंसाई, सहायक अभियंता मोहन सिंह, जेई संतोष नेगी, विनोद कुमार मलेठा व कृतपाल लाल मौजूद थे।