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पीड़ित की शिकायत न रिसीव करने पर नपेंगे थाना प्रभारी

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uknews-ADG law and order ashok kumar
एडीजी लाॅ एंड आॅडर अशोक कुमार।
देहरादून। अब लोगों की शिकायत न रिसीव करने का खामियाजा थाने चैकिंयों को भुगतना पड़ सकता है। शिकायत को अनदेखा कर रिसीव करने से मना करने पर संबधित थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

एडीजी लॉ एंड ऑडर ने जारी किया सर्कुलर

पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड पर जनता से लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी कि उनके शिकायती प्रार्थना-पत्रों को थाने पर रिसीव नहीं किया जाता है। इस पर अशोक कुमार एडीजी लॉ एंड ऑडर द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है।

अपर पुलिस अधीक्षकों व क्षेत्राधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश

उन्होने प्रदेश के सभी जनपद प्रभारियों को सर्कुलर जारी कर आदेशित किया है कि थानों पर प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना-पत्रों को रिसीव न करने की कार्य प्रणाली को समाप्त किया जाये, भविष्य में जिस थाने से पीड़ित के शिकायती प्रार्थना-पत्र को रिसीव न करने की शिकायत प्राप्त होती है, तो उस थाना प्रभारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षकों व क्षेत्राधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए है।

त्वरित कार्यवाही से पुलिस की बनती है अच्छी छवि

अशोक कुमार ने कहा की पीड़ित को पुलिस की कार्यवाही से न्याय की उम्मीद रहती है। यदि थाने पर पीड़ित के शिकायती प्रार्थना पत्र को रिसीव कर लिया जाता है और सक्षम अधिकारी द्वारा पीड़ित के प्रार्थना-पत्र की जांच कर वैधानिक कार्यवाही कि जाती है, तब पीड़ित का पुलिस पर विश्वास बढ़ता है और पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही से पुलिस की अच्छी छवि बनती है।
गौरतलब है कि लगभग एक माह पूर्व आजाद नगर निवासी अब्दुल बवाब पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उन्हे जान से मारने का प्रयास किया गया था। जिसकी शिकायत थाना पटेलनगर में दर्ज कराई गयी थी। किन्तु इस मामले मंे पुलिस शिकायत दर्ज करने के बाद बिल्कुल खामोश बैठ गयी। जिसके बाद पीड़ित पक्ष को इसकी शिकायत पुलिस मुख्यालय मे करनी पड़ी थी। जिसके बाद ही पुलिस इस मामले में सक्रिय हुई।