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मंत्रियों के लिए कठिन होम वर्क तैयार कर रहे मोदी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए साल के लिए सभी मंत्रियों के लिए कठिन होम वर्क तैयार कर रहे हैं। सभी मंत्रियों को पीएम मोदी के आइडिया पर अमल करना होगा। इनके लिए लक्ष्य भी तय किए जा रहे हैं। 10 नवंबर को पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में नवंबर में ही शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर भी सरकार की तैयारी के बारे में मंत्रियों को बताया जाएगा। बैठक में 8 नवंबर को नोटबंदी के एक साल पूरा होने को लेकर समीक्षा की जाएगी। मालूम हो कि 8 नवंबर को सरकार को ने ऐंटी-ब्लैकमनी डे मनाने का फैसला लिया है।

साफ संदेश, अब सिर्फ ऐक्शन का समय

पीएमओ ने इस मीटिंग से पहले सभी मंत्रियों से साफ कह दिया है कि कार्यकाल की बाकी अवधि में सिर्फ ऐक्शन होगा और अब कामों को टालने की गुंजाइश नहीं है। पीएम मोदी ने मंत्रियों से कामकाज का हिसाब लेने के अलावा बजट और कैबिनेट फैसले को अमल करने में प्रगति का लेखा-जोखा लेने के लिए नए सिरे से पहल शुरू की है। शीतकालीन सत्र को लेकर भी रणनीति बनेगी। इस बार सत्र में मोदी सरकार महत्वाकांक्षी ओबीसी बिल को भी पास कराने की पूरी कोशिश करेगी। सत्र नवंबर के दूसरे हफ्ते से शुरू होने की संभावना है।

पीएमओ की ओर से प्रजेंटेशन

सूत्रों के अनुसार, बैठक में पीएमओ की ओर से एक प्रजेंटेशन भी पेश किया जाएगा। इसमें कम से कम आधे दर्जन मंत्रालय के बारे में पीएम मोदी की अपेक्षा के बारे में बताया जाएगा। मोदी सरकार का तील साल छह महीने का टर्म पूरा हो रहा है। पीएम की ओर से मंत्रियों को बताया जाएगा कि बाकी बचे समय में किस तरह काम में तेजी लाना है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पीएम मोदी की ओर से सभी मंत्रियों को कम से कम एक टास्क भी दिया जाएगा।

गुजरात-हिमाचल चुनाव के बाद होगा फेरबदल?

सूत्रों के अनुसार गुजरात-हिमाचल प्रदेश के बाद मोदी सरकार में एक और फेरदबल हो सकता है। इसमें जेडीयू के अलावा सहयोगी दलों के नेताओं को मौका मिल सकता है तो मौजूदा मंत्रियाें में कुछ के प्रभार में मामूली फेरदबल भी हो सकता है। बजट सत्र से ठीक होने वाला यह संभावित फेरदबल मोदी सरकार का इस टर्म में अंतिम फेरदबल होगा और उसी टीम के मोदी सरकार 2019 में चुनावी रण में जाएगी।

मालूम हो कि पिछले दिनों कैबिनेट फेरदबल में जेडीयू,शिवसेना और टीडीपी जैसे सहयोगी दलों को मौका नहीं मिला था। एआईडीएमके के भी एनडीए में शामिल होने और सरकार में शामिल होने की चर्चा थी। तमिलनाडु की यह पार्टी एनडीए का औपचारिक हिस्सा हो गई तो इसे सरकार में जगह मिल सकती है।

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