Home National Uttarakhand उत्तराखंड के जांबाज शहीदों को दी अंतिम विदाई, बाजार हैं बंद

उत्तराखंड के जांबाज शहीदों को दी अंतिम विदाई, बाजार हैं बंद

3504
0
SHARE

देहरादून :  पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ में एएसआइ मोहनलाल रतूड़ी का पार्थिव शव दून पहुंच गया। इस दौरान उनके घर में अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा।

हरिद्वार में सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। वहीं, सुबह से दोपहर तक के लिए दून के साथ ही चंपावत और अल्मोड़ा बाजार बंद कर दिए गए। वहीं खटीमा के शहीद वीरेंद्र राणा का शव भी उनके गांव पहुंच गया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।

शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे और शहीद की पत्नी तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर पर चिपक गए। घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद का पार्थिव शरीर को घर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। वहीं, मौके पर सांत्वाना देने और शहीद के अंतिम दर्शन को पहुंची भीड़ ने पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ जमकर नारे लगाए। साथ ही जब तक सूरज चांद रहेगा, मोहन तेरा नाम लगेगा, ये नारा भी गूंजता रहा।

uttarakhand_pulwama_shahedइस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डीजीपी अनिल रतूड़ी, डीजी अशोक कुमार, विधायक विनोद चमोली, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी शहीद के घर पहुंचे। यहां लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सीएम ने स्वयं शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। हरिद्वार में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके बड़े बेटे शंकर ने मुखाग्नि दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद मोहनलाल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। कहा कि शहीदों के परिजनों को सरकार नोकरी देगी।

इसके लिए ज़िलाधिकरियों को दो नियुक्ति के अधिकार दिए गए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि पूरा देश गम और गुस्से में है। हम सब एक साथ हैं। केंद्र सरकार को आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने चाहिए।

बंद हैं दून के बाजार बंद

पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों के शोक में शनिवार को दून में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। दून उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर व्यापारियों ने बाजार बंद में शामिल रहने का निर्णय लिया था। वहीं, बार एसोसिएशन देहरादून ने भी विधिक कार्यों से विरत रहने का एलान किया है। बाजार बंद को 260 से ज्यादा सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन दिया है।