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गुरु अन्नादुरई के पास करुणानिधि को दी गई समाधि

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चेन्‍नै: तमिलनाडु के 5 बार मुख्यमंत्री रहे डीएमके चीफ एम करुणानिधि को बुधवार शाम को चेन्नै के मरीना बीच पर उनके गुरु अन्नादुरई के पास समाधि दे दी गई। इस मौके पर उनके हजारों समर्थक और पूरा परिवार मौजूद रहा। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान ‘थलाइवा’ की याद में उनके प्रशंसकों ने जोरदार नारे लगाए। मरीना बीच का पूरा माहौल गमगीन था।

यह करुणानिधि के प्रशंसकों का भारी दबाव ही था कि राज्‍य सरकार के मरीना बीच पर जगह न देने पर मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार रात और बुधवार सुबह में इस मामले की सुनवाई की। अंतत: करुणानिधि के प्रशंसकों की जीत हुई और उन्‍हें अपने प्रिय नेता को मरीना बीच पर दफनाने की जगह मिल गई। मरीना बीच पर करुणानिधि के बेटे एमके स्‍टालिन, एमके अलागिरी और बेटी कनिमोई समेत परिवार के सदस्‍यों ने उन्‍हें श्रद्धांजलि दी।

करुणानिधि को जिस ताबूत में रखकर दफनाया गया उस पर उन्‍हीं का 33 साल पहले लिखा लेख खुदा हुआ था। ताबूत पर लिखा था, ”एक शख्स जो बिना आराम किए काम करता रहा, अब वह आराम कर रहा है।’ शाम करीब सात बजे इस ताबूत को दफन कर दिया गया। इस दौरान मरीना बीच पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू मौजूद रहे।

समर्थकों और चाहने वालों का रो-रोकर बुरा हाल

करुणानिधि की शव यात्रा के दौरान उनके समर्थकों और चाहने वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। करुणानिधि के शव को सेना के वाहन पर राजाजी हॉल से मरीना बीच लाया गया। पूरे वाहन को फूलों से सजाया गया था। शवयात्रा शाम चार बजे शुरू हुई और 6:13 बजे मरीना बीच पहुंची। करुणानिधि का शव जब मरीना बीच पहुंचा तो उनके प्रशंसकों ने थलाइवा, तामिलिआ और अन्‍ना थामिबिया के नारे लगाए। पूरा माहौल गमगीन हो गया।

इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के विरोध को खारिज करते हुए करुणानिधि की अंत्येष्टि मरीना बीच पर करने की इजाजत दे दी थी। डीएमके ने याचिका दाखिल कर मांग की थी कि दिवंगत सीएम को उनके राजनीतिक गुरु सीएन अन्‍नादुरई के बगल में दफनाया जाए। राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए प्रोटोकॉल का तर्क दिया था। राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि पूर्व सीएम की अंत्येष्टि मरीना बीच पर नहीं किया जा सकता है लेकिन, हाई कोर्ट ने इसे नहीं माना।

रामचंद्रन और जयललिता को यहीं मिली है जगह

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मरीना बीच पर करुणानिधि के अंतिम संस्कार को रोकने के लिए ट्रैफिक रामास्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार दिया। मद्रास हाईकोर्ट द्वारा मरीना बीच पर करुणानिधि के अंतिम संस्कार को मंजूरी मिलने के बाद रामास्वामी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट चले गए थे।

डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने करुणानिधि के लंबे सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए मुख्यमंत्री के पलनिसामी को पत्र लिखा और उनसे मरीना बीच पर दिवंगत नेता को उनके मार्गदर्शक सीएन अन्नादुरई के समाधि परिसर में जगह देने की मांग की थी। पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन और उनकी बेहद करीबी जयललिता मरीना बीच पर ही दफन किए गए थे और वहीं उनके स्मारक बनाए गए। ये दोनों राजनीति में करुणानिधि के कट्टर विरोधी थे। करुणानिधि के पूर्ववर्ती अन्नादुरई का जब निधन हुआ था, तब वह मुख्यमंत्री थे।