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कार्ति चिदंबरम जांच में बिल्कुल भी नहीं कर रहे सहयोग

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नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया केस में रिश्वत लेने के आरोपी कार्ति चिदंबरम को झटका देते हुए कोर्ट ने उनकी कस्टडी 3 दिन के लिए बढ़ा दी है। इस मामले पर सीबीआई और कार्ति के वकील की तरफ से तमाम तरह की दलीलें दी गईं। सीबीआई ने कोर्ट से 9 दिन की कस्टडी मांगी थी।

कोर्ट ने कस्टडी 3 दिन के लिए बढ़ा दी

सीबीआई का कहना था कि उनके हाथ इस मामले में कुछ और सबूत लगे हैं, ऐसे में उन्हें और सघनता से पूछताछ करने के लिए कुछ और समय चाहिए। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में कार्ति के मामले की सुनवाई के दौरान उनके पिता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी मौजूद थे।

सीबीआई का आरोप

सीबीआई का आरोप है कि कार्ति जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया, ‘आरोपी के मोबाइल को सीज किया गया है। उनसे पासवर्ड मांगने पर देने से इनकार किया और कहा गो टू हेल।’ अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआई की दलीलों को काटते हुए कहा कि मेरे मुअक्किल के चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि वह दोषी हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे।

दलील: आरोपी से अभी पूछताछ की जानी जरूरी

सीबीआई ने कोर्ट में कार्ति की रिमांड बढ़ाने के लिए दलील दी कि आरोपी से अभी पूछताछ की जानी जरूरी है क्योंकि इस मामले में जांच से जुड़े कई कई महत्वपूर्ण तथ्य और सबूत जुटाने के लिए कार्ति से पूछताछ की जरूरत है।

सघन पूछताछ की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट में कार्ति की रिमांड बढ़ाने के लिए सीबीआई ने यह भी दलील दी कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभी और सघन पूछताछ की जरूरत है। उनके मुकदमे की पैरवी कर रहे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट में कार्ति को अपने पैरंट्स से 10 मिनट के लिए मिलने का मौका दिया गया।

सुनवाई की अगली तारीख 9 मार्च की तय

बता दें कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भी कार्ति की याचिका पर सुनवाई हुई थी। कार्ति ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। सर्वोच्च अदालत ने ईडी और सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा कि इस मामले में जांच जारी रह सकती है। सुनवाई की अगली तारीख 9 मार्च की तय की गई है।

कार्ति से अभी न्यायिक हिरासत में चल रही पूछताछ

बता दें कि आईएनएक्स मीडिया में विदेशी निवेश को मंजूरी देने के मामले में कार्ति चिदंबरम से मिलीभगत के आरोप पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) के पूर्व सदस्यों से पूछताछ करेगा।

इस कदम से जांच यूपीए सरकार के दौरान वित्त मंत्रालय के कामकाज के करीब पहुंच गई है। एफआईपीबी को कथित तौर पर प्रभावित करने के आरोप में कार्ति से अभी न्यायिक हिरासत में पूछताछ चल रही है।

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