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सभी 15 शव एक बाथरूम में मिले

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मुंबई: मुंबई के कमला मिल कंपाउंड में गुरुवार देर रात आग लग जाने की वजह से 15 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिन रास्तों से लोगों को बाहर निकलना था, वहां सिर्फ धुआं ही धुआं था। कुछ भी साफ तौर पर नहीं नजर आ रहा था, इसकी वजह से रेस्ट्रॉन्ट में लोग फंस गए। लाख कोशिशों के बाद भी वे लोग बाहर नहीं आ पाए।

बड़ी लापरवाही

कमला मिल कंपाउंड के रेस्तरां में लगी भीषण आग के मामले में बड़ी लापरवाही की बात सामने आई है। पुलिस और बीएमसी के अधिकारियों के मुताबिक जिस ‘1 अबव’ पब में आग लगी थी, उसमें आग से बचाव के नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक जिस पब में आग लगी थी, उसमें अतिक्रमण किया गया था और आपातकालीन दरवाजा भी इसके चलते बंद था। इसके चलते हादसे के वक्त लोगों को बाहर निकलने में मुश्किल हुई और 15 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।

 

बचाने की बजाय मौके से भाग खड़े हुए पब के मैनेजर और स्टाफ

पुलिस ने बताया कि हादसे के वक्त पब के मैनेजर और अन्य स्टाफ लोगों को बचाने की बजाय मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस ने कहा, ‘पब की ओर से आग से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा आग लगने की स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए मैनेजमेंट ने कोई व्यवस्था नहीं की थी।’ पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आपातकालीन स्थिति में निकलने के लिए बने द्वार में तमाम बाधाएं थीं।

पूरे क्षेत्र में धुआं ही धुआं था

बचाव कार्य में शामिल एक फायरमैन ने बताया, ‘हमें सभी 15 शव एक बाथरूम में मिले जो कि तकरीबन 100 वर्ग फीट क्षेत्र में बना हुआ है। इसके साथ ही नीचे आने के लिए दो सीढ़ियां थीं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि लोगों ने यहीं से निकलने की कोशिश की होगी। हालांकि, आगे एक सीढ़ी पूरी तरह से आग की चपेट में आ चुकी थी और दूसरी में कुछ भी साफ तौर पर नजर नहीं आ रहा था। पूरे क्षेत्र में धुआं ही धुआं था।’

आग बुझाने में करनी पड़ी खासी मशक्कत

दरअसल, इसी इमारत में अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए अगस्त में एक शेड को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, रेस्ट्रॉन्ट के एक और मालिक ने इसका फिर से निर्माण कार्य कराया था। मौके पर मौजूद फायर फाइटर्स ने बताया कि आग बुझाने का अभियान तकरीबन 3 घंटे से ज्यादा वक्त तक चला। इमारत में खास तौर पर तिरपाल, प्लास्टिक कवर आदि पड़ा हुआ था, जिसकी वजह से आग बुझाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

‘धुएं की वजह से लोग नहीं निकल पाए बाहर ‘

अधिकारी का कहना है, ‘जिन रास्तों से बाहर निकलना था उसमें कुछ भी साफ तौर पर नहीं नजर आ रहा था, जिसकी वजह से रेस्ट्रॉन्ट में लोग फंस गए। इस पूरे मामले की जांच की जाएगी।’ इस बीच दो फायरमैन सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हुए 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लाए, जो कि इमारत के अंदर फंसे हुए थे।

बेकार लकड़ी की वजह से आग बढ़ने की आशंका

घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जिनमें दो की हालत गंभीर है। किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल (KEM) ने 15 लोगों की मौत की पुष्टि की है। पुलिस ने 1-अबव रेस्तरां के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज कर लिया है। आग लगने की वजह का पता फिलहाल नहीं चल पाया है। आग पर काबू पा लिया गया है और कूलिंग का काम चल रहा है।

दरअसल, हाल में खुला टेरेस बार ‘लंडन टैक्सी’ मुंबई युवाओं में बेहद लोकप्रिय है। दूसरी मंजिल की खुली छत को कुछ दिनों पहले ही ढक दिया गया था। निर्माण कार्य के बाद काफी बेकार लकड़ी भी पड़ी हुई थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से आग ने भयावह रूप ले लिया।

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