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हम अच्छी स्थिति में हैं: सचिन तेंडुलकर

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uknews-sachin Tendulkar

नई दिल्ली: महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर का मानना है कि भारत इंग्लैंड के कड़े दौरे पर ‘कई वर्षों के अपने सबसे पूर्ण तेज गेंदबाजी आक्रमण’ के साथ उतरेगा जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके 24 साल के करियर के दौरान कभी नहीं हुआ।

भारत अपने लगभग तीन महीने के ब्रिटेन दौरे की शुरुआत आयरलैंड के खिलाफ 27 जून से दो टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ करेगा, लेकिन सभी की नजरें एक अगस्त से बर्मिंघम में शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज पर टिकी हैं।

 

क्या भारत पड़ेगा बोलिंग में भारी

तेंडुलकर ने कहा, ‘कई वर्षों में यह भारत का सबसे पूर्ण तेज गेंदबाजी अक्रामण है। मेरे आकलन के अनुसार यह आक्रमण सबसे सर्वश्रेष्ठ में से एक होगा।’ अपने करियर के दौरान 200 टेस्ट खेलने वाले तेंडुलकर ने कहा कि भारत के पास कुछ अच्छे तेज गेंदबाज रहे हैं लेकिन इतनी विविधता वाला आक्रमण उसके पास कभी नहीं रहा।

तेंडुलकर ने कहा, ‘हम अच्छी स्थिति में हैं जहां हमारे पास एक स्विंग गेंदबाज (भुवनेश्वर कुमार), एक लंबा गेंदबाज (इशांत शर्मा), सटीक गेंदबाज (जसप्रीत बुमराह) और असल मायने में तेज गेंदबाज (उमेश यादव) है। इतनी सारी विविधता के साथ यह अच्छा संयोजन है।’

भुवी-हार्दिक बैटिंग में भी सक्षम

तेंडुलकर कपिल देव और मनोज प्रभाकर जैसे तेज गेंदबाजों के साथ खेल चुके हैं। इस दिग्गज बल्लेबाज के करियर के अधिकांश हिस्से में जवागल श्रीनाथ और जहीर खान भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ रहे। तेंडुलकर से जब यह पूछा गया कि क्या यह आक्रमण उनके समय में आक्रमण से अधिक सक्षम है तो उन्होंने कहा, ‘हां, मैं उस संदर्भ में भी बोल रहा हूं, क्योंकि इसका कारण है।

हमारे पास भुवी और हार्दिक हैं, जो जो बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।’ तेंडुलकर ने कहा, ‘हार्दिक ने अभी टीम में जगह बनाई है, लेकिन मुझे लगता है कि भुवी ने शानदार योगदान दिया और इससे टीम का संतुलत सकारात्मक रूप से बदला।’

क्या होना चाहिए टीम प्लान
तेंडुलकर ने इस पर टिप्पणी नहीं की कि भारत को किस संयोजन के साथ खेलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि टीम प्रबंधन को आकलन करना होगा कि विरोधी टीम का कौन सा बल्लेबाज किसी तरह की गेंदबाजी के खिलाफ सहज है। कुछ ऐसे है जो स्विंग गेंदबाजी का अच्छी तरह सामना करते हैं और कुछ में पिच से मूव होने वाली गेंदों से निपटने की तकनीक है। आपके इन सब पर ध्यान देते हुए टीम का चयन करना होता है।’

भारत के पक्ष में है यह बात

एक चीज हो भारत के पक्ष में हो सकती है वह यह है कि टेस्ट सीरीज की शुरुआत अगस्त में होगी और तब तक भारत इंग्लैंड में एक महीने का समय बिता चुका होगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि जल्दी जाना फायदे की स्थिति साबित होगी।

टेस्ट सीरीज के शुरू होने तब भारत इंग्लैंड में पांच महीने बिता चुका होगा और काफी मैच अभ्यास कर चुका होगा। इससे टीम को लय में आने में मदद मिलेगी।’ तेंडुलकर इंग्लैंड में पांच टेस्ट सीरीज (1990, 1996, 2002, 2007 और 2011) का हिस्सा रहे।