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कांवड़ मेले की सुरक्षा में तैनात आइटीबीपी के जवान की रायफल से चली गोली से मृत हरियाणा झज्जर निवासी विकास के परिजनों ने हरिद्वार पुलिस पर ढिलाई बतरने का आरोप लगाया है। तथा आइटीबीपी जवान की गिरफ्तारी और हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि यदि न्याय न मिला तो वह हरिद्वार में सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे।

मृतक विकास के बहनोई हरदीप ने 15 जुलाई 2017 की घटना का उल्लेख करते हुए सीबीसीआइडी जांच पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को कांवड़ मेले के दौरान सर्वदानंद घाट पर ड्यूटी दे रहे आइटीबीपी के जवान नीतेश राणा व संतोष चटर्जी की रायफल की चली गोली से विकास की मौत हो गई थी।

पुलिस ने विकास के नशे में आइटीबीपी जवान से रायफल छीनने की कोशिश करने के दौरान झीना-झपटी में गोली चलना और लगना बताया था। मामले की जांच शहर कोतवाली पुलिस कर रही है।

समाधान पोर्टल पर दर्ज कराई थी शिकायत

हरदीप ने विकास के किसी भी तरह का नशा न करने का दावा किया। उन्होंने बताया कि विकास के पिता कृष्ण बेनीवाल ने 11 अगस्त को समाधान पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी पर उससे भी कुछ हासिल नहीं हुआ।

शुक्रवार 18 अगस्त को इस मामले में उत्तराखंड डीजी कार्यालय में समाधान पोर्टल पर की गई शिकायत के संदर्भ में जानकारी के लिए फोन किया गया था। वहां से उन्हें एसएसपी हरिद्वार कार्यालय में संपर्क करने को कहा गया। जब उन्होंने एसएसपी कार्यालय में संपर्क किया तो उन्हें शहर कोतवाली का नंबर देते हुए वहां संपर्क करने को कहा गया।

सीबीसीआइडी जांच की संस्तुति की

उन्होंने कोतवाली में संपर्क किया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जोर देकर पूछने पर मामले को सीबीसीआइडी के सुपुर्द किए जाने की बात कहते हुए फोन काट दिया गया। उत्तराखंड पुलिस के व्यवहार से पूरा परिवार आहत है। पुलिस की ओर से अगले दस दिनों में कोई ठोस कार्रवाई न होने पर परिवार हरिद्वार के सर्वदानंद घाट पर सामूहिक आत्मदाह कर लेगा।

वहीं एसएसपी हरिद्वार का कहना है कि मामले की शासन से सीबीसीआइडी जांच की संस्तुति की गई है, अभी कोई जवाब नहीं आया है। फिलहाल मामले की जांच शहर कोतवाली पुलिस कर रही है।

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