Home Uttarakhand Kumaun गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने पर हाई कोर्ट गंभीर

गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने पर हाई कोर्ट गंभीर

13 जिलों के डीएम को एक साथ तलब

142
0
SHARE
uknews-ganga river
गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने पर हाई कोर्ट गंभीर

नैनीताल : गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने और सूबे में पॉलीथिन पर पाबंदी मसले पर हो रही हीलाहवाली पर हाई कोर्ट बेहद सख्त है। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को तलब किया गया है।

13 जिलों के डीएम को एक साथ तलब

कोर्ट में पेशी को देखते हुए गुरुवार को जिलाधिकारियों का नैनीताल पहुंचना शुरू हो गया है। यह पहला मौका है जब किसी मामले में राज्य के 13 जिलों के डीएम को एक साथ तलब किया गया है। कोर्ट के आदेश के मद्देनजर अधिकांश डीएम नैनीताल पहुंच गए हैं।

गंगा को प्रदूषित करने से बचाने का आग्रह

हरिद्वार के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने जनहित याचिका दायर कर गंगा को प्रदूषित करने से बचाने का आग्रह किया था। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में ऐतिहासिक फैसला दिया मगर आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया।

जिसके बाद याचिकाकर्ता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को 17 मार्च शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।

यह दिए थे आदेश

-नदी में पांच सौ मीटर की दूरी तक मल-मूत्र विसर्जन करने पर पांच हजार जुर्माना लगाया जाए

-गंगा किनारे बड़े होटल और बड़े आश्रम स्थापित ना होने दिए जाएं

-गंगा में स्नान के दौरान तेल, साबून, शेंपू पर पूरी तरह रोक लगाई जाए

-106 उद्योगां को बंद करें और 180 पर कार्रवाई करें

-नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के लिए बनी डीपीआर की धनराशि में 266 में राज्य प्रोग्राम मैनेजमेंट गु्रप को हिस्सा दिया जाए

-राष्ट्रीय जल संसाधन विकास परिषद का गठन हो

-उत्तराखंड में पहली जनवरी से पॉलीथिन कैरी बैग पर पूरी तरह रोक लगे

-गंगा के उद्गम से गंगा सागर तक के पांच राज्य तीन माह में परिषद का गठन करें।

LEAVE A REPLY