Home Uttarakhand Capital Doon आपदा में मरे सात लोगों के प्रति सरकार व भाजपा संवेदनहीनः धस्माना

आपदा में मरे सात लोगों के प्रति सरकार व भाजपा संवेदनहीनः धस्माना

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uknews-During the press conference, Congress Vice President Suryakant Dhasmana
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना।
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने राज्य की त्रिवेन्द्र सरकार व भाजपा संगठन पर जनता के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए भाजपा पर जबर्दस्त हमला किया। सूर्यकान्त धस्माना ने कहा कि 11 जुलाई को सुबह राजधानी देहरादून में आई बाढ़ में सात लोगों की जान चली गई और हजारों लोगों के घर में बाढ़ का पानी घुस गया जिसके कारण लोगों के घरों का सामान वर्बाद हो गया।

अतिक्रमण विरोधी अभियान में चुने हुए विधायकों की भूमिका जनविरोधी

घरों को भारी नुकसान हुआ किन्तु इन मौतों से व लोगों के नुकसान से सरकार व भाजपा को कोई लेना देना नहीं है और त्रिवेन्द्र सरकार व उनका संगठन केवल आगामी निकाय, लोकसभा व विधानसभा चुनावों की चिन्ता में मग्न है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष बजाय मृत लोगांे के घर जाकर संवेदना व सहायता देने के काशीपुर में बड़ी माला पहन कर हंसते मुस्कराते फोटो खिंचवा रहें हैं।

आपदा आने पर लोगों का क्या हाल होता होगा

उन्होंने कहा कि 11 जुलाई को हिल व्यू काॅलोनी, इन्द्रानगर, शास्त्री नगर खाले, दीपनगर, मित्रलोक काॅलोनी में हुई तबाही से प्रभावित लोगों को सरकार व प्रशासन की ओर से एक भोजन का पैकेट तक मुहैया नहीं कराया गया जबकि लोगों का सारा सामान नष्ट हो गया था और घरों की रसोई में रखा सामान तक पानी में डूब गया था। उन्होंने कहा कि जब राज्य की राजधानी में आपदा प्रबन्धन का इतना बुरा हाल है तो राज्य के दूर दराज के इलाकों के बारे में कल्पना की जा सकती है कि वहां आपदा आने पर लोगों का क्या हाल होता होगा।
धस्माना ने कहा कि राज्य के आपदा प्रबन्धन का बुरा हाल है। आपदा प्रभावित लोगों को 48 घण्टे बीत जाने के बाद भी न तो राहत मिली है और न ही भविश्य में बचाव की कोई व्यवस्था की गई है। श्री धस्माना ने कहा कि महामहिम राज्यपाल द्वारा देहरादून में जल भराव को लेकर जो चिन्ता व्यक्त की गई है उससे राज्य के आपदा प्रबन्धन की पोल खुल गई है।

सत्ताधारी दल के विधायकों की भूमिका व्यापारी व जन विरोधी

धस्माना ने कहा कि देहरादून में चलाये जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में राज्य सरकार व सत्ताधारी दल के विधायकों की भूमिका व्यापारी व जन विरोधी है। उन्होंने कहा कि लोगों के वैधानिक निर्माणों का चिन्हीकरण व ध्वस्तीकरण किया जा रहा है तथा राज्य सरकार व जनता के चुने हुए विधायक लोगों का दर्द सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रेमनगर में लगभग पांच सौ लोग उजड़ रहे हैं किन्तु क्षेत्रीय विधायक अपनी असमर्थता जता रहे हैं।
धस्माना ने कहा कि जब देहरादून के नौ निर्वाचित भाजपा के विधायक लोगों का दर्द नहीं दूर कर सकते तो उनको तत्काल विधायकी से त्यागपत्र दे देना चाहिए।  धस्माना ने कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान में राजपुर विधानसभा के करणपुर, ईसी रोड़, घंटाघर, पल्टन बाजार, कैन्ट विधानसभा क्षेत्र की चकराता रोड़, पण्डितवाडी, प्रेमनगर, मसूरी विधानसभा के राजपुर कैन्ट रोड, कालीदास रोड़, रायपुर विधानसभा की रायपुर रोड़, लाडपुर आदि क्षेत्रों में हजारों व्यापारी प्रभावित हुए हैं किन्तु कोई विधायक जनता का दर्द सुनने तक नहीं पहुंचा है।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी, महेश जोशी, राजेश चमोली, देवेन्द्र बुटोला भी उपस्थित रहे।