SHARE
uknews-gall bladder disease
गंदे पानी से बढ़ रहा गॉल ब्लाडर कैंसर

गॉल ब्लाडर कैंसर

लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की तरफ से गोमतीनगर में चल रही नैशनल कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में 18 वर्ष की उम्र में ही युवा इस बीमारी की चपेट में आ रहा है।

लोहिया संस्थान के कैंसर सर्जन डॉ. आकाश अग्रवाल ने बताया कि दूषित पानी पीने की वजह से युवाओं में यह बीमारी बढ़ रही है। नैशनल कैंसर रजिस्ट्री में यह बीमारी पांचवें नंबर पर है।

महिलाओं को ज्यादा खतरा

डॉ. आशीष सिंघल के मुताबिक गॉल ब्लाडर के 100 मरीजों में से 80 महिलाएं होती हैं। 100 में से 70 मरीज ऐसे आ रहे हैं जो मोटापे का शिकार हैं। जिसकी वजह से उनका बॉडी मास इंडेक्स 25 से 30 है।

ऐसे में मोटापा भी गॉल ब्लाडर कैंसर का कारण माना जा रहा है। इसके साथ ही हार्मोनल, इन्वाइरनमेंट और जनेटिक फैक्टर भी इस बीमारी का कारण बनते हैं।

सर्जरी ही एक इलाज

लोहिया इंस्टिट्यूट के सर्जिकल अंकोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष सिंघल के मुताबिक गॉल ब्लाडर कैंसर से पीड़ित मरीज अक्सर फोर्थ स्टेज में डॉक्टर के पास पहुंचता है। इस वजह से इलाज में काफी चैलेंज फेस करना पड़ता है।

जीबी पंत मेडिकल कॉलेज, दिल्ली से आए प्रफेसर डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि गॉल ब्लाडर कैंसर से पीलिया होने के चांसेस भी ज्यादा बढ़ जाते हैं।

LEAVE A REPLY