Home Uttarakhand Kumaun डीएम की पहल पर आंदोलन 15 दिनों के लिए स्थगित

डीएम की पहल पर आंदोलन 15 दिनों के लिए स्थगित

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डीएम से वार्ता करते सर्व दलीय संघर्ष समिति के पदाधिकारी।
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी इवा अशीष की पहल पर आज लम्बे समय से चल रहे जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण अल्मोड़ा के विरोध में चल रहे आन्दोलन को अध्यक्ष सर्व दलीय संघर्ष समिति सहित अन्य उससे जुड़े लोगांे के बीच सौहार्द पूर्ण वार्ता के बाद 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि संघर्ष समिति द्वारा जो माॅगंे उठाई गयी है उन प्रस्तावों को शासन स्तर पर समुचित निणर्य लेने हेतु संस्तुति सहित प्रेषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि संघर्ष समिति द्वारा जो माॅगें प्रस्तुत की गयी है उन्हें प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में भी रखा जायेगा।

शुल्कों को पालिका के निर्धारित शुल्कों से 10 गुना कर दिया

जिलाधिकारी इवा आशीष ने बताया कि संघर्ष समिति द्वारा जिन प्रमुख बिन्दुओं पर प्रकाश डाला गया है उनमें पर्वतीय क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं अल्मोड़ा नगर की बसासत अत्यंत प्राचीन एवं बिना नियंत्रक प्राधिकरण के होने से यहा पर प्राधिकरण के प्राविधान व्यवहारिक नहीं हो पा रहे है, प्राधिकरण द्वारा विभिन्न प्रकार के शुल्कों को पालिका के निर्धारित शुल्कों से 10 गुना कर दिया है।

पार्किग की बाध्यता समाप्त की जाय

इस शुल्क कम किया जाय, प्राधिकरण के गठन से पूर्व आम नागरिकों की राय सुमारी, आपत्तियाॅ, जन सुनवाई नहीं की गयी तथा व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया इस पर भी विचार किया जाय। पर्वतीय क्षेत्र के लिए प्राधिकरण के मानको में पार्किग की बाध्यता समाप्त की जाय।
पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 25 प्रतिशत क्षेत्र को छोड़ने की बाध्यता समाप्त की जाय, अल्मोड़ा नगर की बसासत को देखते हुए 02 मी0 पाथवे की बाध्यता को समाप्त किया जाय, ग्रामीण क्षेत्रों में दोनो ओर 200 मी0 की दूरी के मानक को कम किया जाय, नगर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पृथक-पृथक मानक नियम बनाये जाय, प्राधिकरण लागू होने से स्थानीय निकायों की आय में होने वाली कमी की प्रतिपूर्ति सरकार/प्राधिकरण द्वारा की जाय, पूर्व में नगरपालिका एवं रोड साइड कन्ट्रोल एक्ट के तहत दी गयी अनुमति के भवनो में कोई हस्तक्षेप न किया जाय तथा उनके द्वारा दी गयी अनुमति को 05 वर्ष किया जाय।

मानचित्र के निमार्ण हेतु 5 वर्ष का दिया जाय समय

गरीब, अत्यंत निर्धन लोगो 30 वर्ग मी0 से कम भूमि पर भी अनुमति प्रदान की जाय। मानचित्र स्वीकृति हेतु जो अनापत्ति ली जा रही है उन्हंे केवल उन्ही विभागों से अनापत्ति ली जाय जिसमें पूर्व में नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा द्वारा ली जाती रही है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए लागू वर्तमान मानको में स्थिरता प्रदान की जाय। जिला विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत मानचित्र के निमार्ण हेतु 05 वर्ष का समय दिया जाय, मानचित्र स्वीकृति हेतु मानचित्र प्रस्तुत करने की तिथि से अधिकतम एक माह का समय नियत किया जाय।
भवन निमार्ण हेतु जिला विकास प्राधिकरण द्वारा जितने भी प्रकार के शुल्क लिए जा रहे है उसका कम से कम 50 प्रतिशत शुल्क नगरपालिका को दिया जाय, नगरपालिका परिषद के अन्तर्गत वर्तमान 11 वार्ड अति विकसित श्रेणी में आते है जिस पर प्राधिकरण के मानक फिट नहीं बैठते है इसलिए इन वार्डों में विशेष शिथिलता दी जाय।

50 प्रतिशत जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाय

ग्रामीण क्षेत्रों में जहाॅ बाखलिया बनी है वहाॅ पर भी छूट दी जाय, स्टैट बिल्डिंग बाइलाज के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में भवनो की ऊॅचाई अधिकतम 12 मी0 रखी जाय लेकिन नगर के कई स्थानो पर रास्ते दो मी0 से कम चैडे है वहाॅ पर भवनो की ऊॅचाई निर्धारण करने में प्राधिकरण के मानक बाधक नहीं होने चाहिए। जिला विकास प्राधिकरण में 50 प्रतिशत जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाय।

नियम का गहनता से किया जायेगा अध्ययन

जिलाधिकारी ने सचिव शहरी विकास को भेजे गये पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि नगरपालिका से बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग/राज्य मार्ग क्षेत्र के निवासियों को 200 मी0 तक के भवनो में अनुमति की आवश्यकता न लिए जाने का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगो को यह जानकारी प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि संघर्ष समिति के साथ वार्ता मंे यह भी निणर्य लिया गया कि जो भी नियम प्राविधान है उसका गहनता से अध्ययन पुनः किया जायेगा।

आपस में समन्वय बैठाकर लिया जायेगा निणर्य

जहा पर नियमो में शिथिलता आदि की जानी होगी उस पर आपस में समन्वय बैठाकर निणर्य लिया जायेगा। इस अवसर पर अध्यक्ष सर्व दलीय संघर्ष समिति प्रकाश चन्द्र जोशी ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा इस सम्बन्ध में जो पहल की गयी है उससे संघर्ष समिति पूर्ण तरह संतुष्ट है लेकिन समय पर इसका समुचित हल निकल सके ऐसे प्रयास करने होंगे।
अर्बन कोपरेटिव बैंक के अध्यक्ष आनन्द सिंह बगड़वाल ने बुलायी गयी बैठक को एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि सभी जन भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पर ठोस निर्णय निकल सके इसके लिए जिला प्रशासन को कोशिश करनी होगी।
इस अवसर पर अनेक लोगो ने अपने सुझाव इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी/सचिव विकास प्राधिकरण कैलाश टोलिया, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मनोहर लाल, डे-केयर सेन्टर के अरूण पंत, आनन्द सिं ऐरी, मनोज सनवाल, पूरन रौतेला, शेखर लखचैरा, रेख धस्माना, लक्ष्मण सिह ऐठानी, मनीष जोशी, पी0सी0 तिवारी, दयाकृष्ण काण्डपाल, श्रीमती पुष्पा सती, अख्तर हुसैन, सभासद राधा नेगी, सरिता टम्टा, अमर सिंह रावत, हेम जोशी, मनोज गुप्ता, रोहित कार्की सहित अनेक संघर्ष समिति से जुड़े लोग उपस्थित थे।