Home Uttarakhand Kumaun अल्मोड़ा महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ सौतेला व्यवहार

अल्मोड़ा महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ सौतेला व्यवहार

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uknews-Folk artists threw the statue of the district administration

जिला प्रशासन का पुतला फूंका

अल्मोड़ा : कुमाऊं लोक कलाकार महासंगठन ने जल्द होने जा रहे अल्मोड़ा महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को जिला प्रशासन का पुतला फूंका। साथ ही जोरदार नारेबाजी भी की। कलाकारों ने कहा कि पर्यटन व संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को भी सम्मान दिया जाना चाहिए।

रविवार को भी धरना जारी रहेगा

इससे पूर्व नुक्कड़ सभा में महासंगठन के महासचिव गोपाल सिंह चम्याल ने कहा कि स्थानीय लोककलाकारों की उपेक्षा की जा रही है जो ठीक नहीं है। कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो महासंगठन क्रमिक अनशन तथा जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि रविवार को भी धरना जारी रहेगा। इस दौरान वक्ताओं का कहना था कि बाहर से आने वाले कलाकारों को तो मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन स्थानीय कलाकारों को मानदेय नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने इस मामले पर जिला प्रशासन से सकारात्मक निर्णय लिए जाने की मांग उठाई।

इस मौके पर कुंवर राज, दयानंद कठैत, दीपक पांडे, भावना नगरकोटी, ममता वाणी, विमला बोरा, गीता सिराड़ी, लता पांडे, पूरन बोरा, सुनील तिवारी शेखर जोशी, गोकुल बिष्ट, दीपक तिवारी समेत दर्जनों लोक कलाकार मौजूद थे।