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हम भी भारत के साथ बहुपक्षीय गठबंधन से जुड़ने को तैयार: फ्रांस

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नई दिल्ली: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के हाल में एकसाथ आने के बाद फ्रांस ने भी भारत के साथ बहुपक्षीय मंच से जुड़ने का उत्साह दिखाया है। भारत के सबसे पुराने रणनीतिक भागीदारों में एक फ्रांस ने कहा है कि हम भी भारत के साथ बहुपक्षीय गठबंधन से जुड़ने के लिए तैयार हैं। हाल में फिलीपींस की राजधानी मनीला में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की मीटिंग हुई। चारों देशों ने हिन्द-प्रशांत महासागर क्षेत्र में अपना साझा हित माना है।

चारों देश मिलकर करेंगे मुकाबला

माना जा रहा है कि चारों देश नौसैनिक गठबंधन के जरिए हिन्द महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ते दखल को चुनौती देंगे। चीन के महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड प्रॉजेक्ट पर राय बनी है कि यह दुनिया के कई देशों को कर्ज के जाल में फंसाने की कोशिश है। उसका भी ये चारों देश मिलकर मुकाबला करेंगे।

बहुपक्षीय सहयोग के लिए भी हम तैयार

फ्रांस के राजनयिक सूत्रों ने बुधवार को कहा कि हम मनीला में हुई बैठक को काफी सकारात्मक तरीके से देखते हैं। हिन्द महासागर क्षेत्र में हमारे भी हित जुड़े हैं। हम भारत के साथ कई मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना चाहेंगे। इसके अलावा बहुपक्षीय सहयोग के लिए भी हम तैयार हैं।

फ्रांस के विदेश मंत्री करेंगे सुषमा स्वराज से मुलाकात

फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां यीव ले द्रयां भारत की यात्रा पर आने वाले हैं और वह शुक्रवार को यहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात करेंगे। वह फ्रांस के रक्षा मंत्री के रूप में पहले कई बार भारत आ चुके हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों की भी यात्रा अगले साल की शुरुआत में होने की उम्मीद है।

सभी मुद्दों पर होगी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक इन यात्राओं के दौरान आगे की ठोस रूपरेखा तय होगी। बताया गया कि फ्रांस के विदेश मंत्री की यात्रा में वन बेल्ट वन रोड समेत कनेक्टिविटी के सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।

हम सभी तरह की कनेक्टिविटी के समर्थन में

सूत्रों ने साफ कहा कि हम सभी तरह की कनेक्टिविटी के समर्थन में है लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय नियमों और संप्रभुता को सम्मान करने वाली होनी चाहिए। बता दें कि वन बेल्ट वन रोड को भारत अपनी संप्रभुता पर चोट मानता है, क्योंकि इसका एक हिस्सा गिलगित-बाल्टिस्तान से गुजरता है जिसे भारत अपना मानता है।

चीन में बेचैनी

सूत्रों ने बताया कि 4 देशों के गठबंधन से जुड़ने के लिए फ्रांस को फिलहाल कोई औपचारिक प्रस्ताव भारत से नहीं मिला है। चार देशों के साथ आने की खबर से ही चीन में बेचैनी देखी गई थी। अब फ्रांस के भी जुड़ने से चीन कहीं भड़क न जाए, इसलिए इस जुड़ाव को लो प्रोफाइल रखा जा रहा है।

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