Home Political सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल करने का प्रश्न ही नहीं: भाजपा

सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल करने का प्रश्न ही नहीं: भाजपा

प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा.... मुख्यमंत्री के बयान को गलत रूप में प्रस्तुत किया गया

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देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सहारनपुर में दिए गए वक्तव्य को गलत ढंग से और तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। भट्ट ने कहा सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल किए जाने का कोई सवाल ही नहीं है।
एक बयान में भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मंगलवार को सहारनपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे जिसमें धार्मिक विषयों के साथ उन्होंने अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय सहारनपुर के साथ संबंधांे का सामान्य रूप से उल्लेख किया लेकिन उनके कथन को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया।
भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सहारनपुर में अपने भाषण में कहीं भी इस बात का संकेत नहीं दिया कि सहारनपुर को उत्तराखंड में मिलाया जा सकता है। किंतु उनके भाषण को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। भट्ट ने कहा कि सहारनपुर को उत्तराखंड में मिलाने के बारे में न तो सरकार स्तर पर और न हीं संगठन स्तर पर कोई विचार है और इस मामले पर किसी प्रकार का कोई भ्रम भी नहीं रहना चाहिए। भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण की प्रक्रिया के दिनो में उत्तरप्रदेश विधान सभा में कई नेताओं ने सहारनपुर मुजफ्फरनगर व उत्तराखंड से जुड़े हुए कुछ भाग को उत्तराखंड में जोड़ने व सशक्त पश्चिम उत्तर प्रदेश बनाने की बात कही थी। इन नेताओं में से कई ने उनसे भी इस बारे में बातचीत की थी। लेकिन उस समय भी हमने इस बारे में मना कर दिया था। यहाँ तक कि उत्तराखंड बनने के बाद भी कुछ नेता व संगठन भी इस बारे में प्रयास रत रहे। किन्तु हम इससे सहमत नहीं हुए। अंततः सहारनपुर आदि उत्तराखंड में शामिल नहीं हुए ।अब यही सत्य है कि सहारनपुर और अन्य छेत्र उत्तराखंड में नहीं है और उत्तरप्रदेश का भाग है। इस स्थिति में कोई परिवर्तन होने वाला नहीं है। अतः इस मामले को हमेशा के समाप्त मान लेना चाहिए।
भट्ट ने कहा कि सहारनपुर व अन्य स्थानों के लोग उत्तराखंड के प्रति जो प्रेम प्रदर्शित करते हैं हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। परंतु जहाँ तक अब उत्तरप्रदेश के कुछ भागों को चाहे वह सहारनपुर हो अथवा कोई और को उत्तराखंड में शामिल किए जाने का सवाल है तो वह हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश व उत्तरखंड का रिश्ता बड़े भाई छोटे भाई का है और यह सम्बंध हमेशा बना रहेगा।

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