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परिवर्तन … उत्तराखंड में विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में भारतीय परिधान दिखेंगे छात्र-छात्राएं

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देहरादून। उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों में होने वाले दीक्षांत समारोहों में छात्र-छात्राएं भारतीय परिधान (लिबास) दिखेंगे। अंग्रेजीयत की निशानी यानी अब तक के परिधानों को बाय-बाय कर दिया जाएगा। यह परिवर्तन इसी माह होने वाले मेडिकल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में किया जायेगा। नये परिधान में भारतीय संस्कृति के साथ राज्य पुष्प ब्रह्मकमल, राज्य पक्षी मोनाल, गढवाल राईफल एवं कुमांऊ रेजीमेंट के ड्रेस के रंग को भी समाविष्ट किया गया है। सोमवार को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में प्रदेश भर के समस्त विश्वविद्यालयों द्वारा दीक्षांत समारोह के अवसर पर छात्र-छात्राओं के गणवेश(ड्रेस) में समानता लाने विषयक बैठक हुई। जिसमें प्रदेश में अवस्थित समस्त विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार उपस्थित थे।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा सरकार के समक्ष विचार आया कि दीक्षांत समारोह के लिये ऐसा नया परिधान निर्धारित किया जाये, जिसमें भारतीय संस्कृति परिलक्षित होने के साथ-साथ उत्तराखण्ड की संस्कृति का समावेश किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा भी इस विषय में दिशा निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा इस विचार के आते ही विभिन्न उपक्रमों से ड्रेस डिजाइन तैयार कराये गये तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों से दीक्षांत समारोह परिधान तैयार कराये गये, जिनमें ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय द्वारा तैयार डिजाइन उपयुक्त पाया गया। ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित ड्रेस डिजाइन पर उनके द्वारा बनाये गये परिधान को विश्वविद्यालय के सभी कुलपतियों एवं शिक्षा अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शन कराये जाने तथा इस सम्बंध में सुझाव लेने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में आये सुझावों में ड्रेस डिजाइन में टोपी को उत्तराखंडी स्टाइल में परिवर्तित करने तथा दीक्षांत समारोह के दौरान वी.आई.पी., विभागाध्यक्षों- एक्जीक्यूटिव ऑफिसर्स एवं छात्रांे की तैयार ड्रेस में कुलपतियों द्वारा अपने-अपने सुझाव दिये गये। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. रावत ने तैयार परिधान डिजाइन का नेतृत्व करने वाली ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय की डॉ.ज्योति छाबरा से अपेक्षा की कि वे बैठक में आये सुझावों यथा टोपी का डिजाइन उत्तराखण्ड के परिपेक्ष्य में तैयार कराने, टोपी में राज्य पक्षी मोनाल व राज्य पुष्प ब्रह्मकमल को समाविष्ट करते हुए संशोधित परिधान का डिजाइन तैयार करें। तथा इन सब सुझावों को समाविष्ट कर 2-3 दिन में संशोधित डिजाइन उपलब्ध करायें, ताकि उस पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की सहमति ली जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि आगामी 10 दिन के अन्तर्गत दीक्षांत समारोह के परिधान का डिजाइन तैयार कर लिया जायेगा। इसका सर्वप्रथम उपयोग इसी माह फरवरी मंे होने वाले मेडिकल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में किया जायेगा।
बता दें ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय द्वारा तैयार परिधान में भारतीय संस्कृति के साथ राज्य पुष्प ब्रह्मकमल, राज्य पक्षी मोनाल, गढवाल राईफल एवं कुमांऊ रेजीमेंट के ड्रेस के रंग को भी समाविष्ट किया गया है।

इस अवसर पर थे

अपर मुख्य सचिव डॉ.रणवीर सिंह, कुलपति मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो.एच.एस.धामी, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.यू.एस.रावत, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ.विजय धसमाना, ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.संजय जसोला, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ.सविता मोहन, एडवाईजर रूसा के.डी.पुरोहित, गुरू राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.पी.सी.ध्यानी सहित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार।

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