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दिव्यांगों को राजकीय सेवाओं में 4 और शिक्षण संस्थाओं में 5 प्रतिशत आरक्षण!

मुख्यमंत्री ने की घोषणा, कहा- शीघ्र ही फैसला लिया जाएगा

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देहरादून। दिव्यांगों को राजकीय सेवाओं में 4 प्रतिशत आरक्षण एवं शिक्षण संस्थाओं में 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने पर शीघ्र ही फैसला लिया जायेगा, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। दिव्यांगों के लिए संस्थान में आने-जाने की समस्याओं के समाधान के लिए अण्डर पास बनाया जायेगा। राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान देहरादून में एनआईवीएच के विशिष्ट शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के 8 करोड़ 76 लाख रूपये की लागत से बने नवनिर्मित शिक्षा भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा संस्थान के अधिकारी दिव्यांगों की समस्या से सम्बन्धित किसी भी समस्या से मुख्यमंत्री को सीधे अवगत करा सकते हैं। उनकी समस्याओं को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा जाएगा एवं उनका उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। संस्थान में बी.एड एवं एम.एड की जो कक्षाएं संचालित हो रही हैं, यदि तकनीकि दिक्कत न हो तो इन कक्षाओं को देहरादून के ही किसी विश्वविद्यालय से सम्बद्धीकरण किया जा सकता है। शोध के लिए संस्थान में जो छात्र पंजीकरण कराना चाहते हैं, उसके लिए राज्य सरकार द्वारा परमिशन दी जायेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार दिव्यांगों के हितों के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित भी किया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, भारत सरकार डॉ. थावर चन्द गहलोत ने कहा कि एनआईवीएच के विशिष्ट शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के नव निर्मित शिक्षा भवन बनने से विद्यार्थियों को अच्छी सुविधा मिलेगी, जिससे उनके लिए शैक्षणिक कार्यों में भी सुविधा रहेगी। छात्र-छात्राएं अपनी उत्कृष्टता का प्रदर्शन और अच्छी तरह से कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सभी एनआईवीएच संस्थानों के आधुनिकीकरण का कार्य किया है। केन्द्र सरकार ने दिव्यांगों के लिए नौकरी में आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया है, जबकि शिक्षण संस्थानों में आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया है। 18 नई ब्रेल प्रेस स्थापित की गई है।
इस अवसर पर समाज कल्याण एवं परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक गणेश जोशी, सुरेश राठौर, एनआईवीएच की संयुक्त सचिव डौली चक्रवर्ती, निदेशक अनुराधा डालमिया आदि थे।

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