SHARE

देहरादून। राज्य गठन के 17 साल बाद भी उत्तराखंड को अब तक स्थाई राजधानी नसीब नहीं हुई है। उत्तराखंड की स्थाई राजधानी गैरसैण को घोषित न किये जाने से आक्रोशित लोग सडकों पर उतरने लगे हैं। शनिवार को देहरादून में गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान के बैनर तले दर्जनों सामाजिक संगठनों ने गांधी पार्क से शहीद स्मारक स्थल तक मशाल जुलूस निकाला। सैकडों मशालें हाथ में लेकर, जनगीतों व राजधानी गैरसैंण निर्माण के नारे लगाते हुए लोग चल रहे थे। आंदोलनकारियों ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि बजट सत्र में राजधानी गैरसैंण को घोषित करें नहीं तो व्यापक जनांदोलन होगा।
इस दौरान रघुबीर बिष्ट, सचिन थपलियाल, देवसिंह रावत, रविंद्र जुगरान, पी. सी. थपलियाल, हेमा देवराड़ी , प्रदीप कुकरेती, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, मोहन रावत उत्तराखंडी, अनिल पंत, बी एस. रावत, जगमोहन मेहंदीरत्ता, जयदीप सकलानी, पुष्कर नेगी, पुरूषोत्तम भट्, लूसुन टोडरिया, अनिल रावत, विकास नेगी, विजय बौड़ाई, कैलाश जोशी, कमल रजवार, ललित जोशी, महेंद्र रावल,ट, सूरवीर राणा, अनिल पंत, दिगमोहन नेगी, सुरेन्द्र हालसी, शशिमोहन कोटनाला, अभिराज शर्मा आदि थे।

LEAVE A REPLY